कांवड़ मेला चरम पर, डीएम मयूर दीक्षित ने पत्नी संग किया जलाभिषेक, श्रद्धालुओं को वितरित किए फल और पेयजल
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। पिछले चार दिनों में 76 लाख से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। सावन के पहले सोमवार पर हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा घाटों से लेकर प्रमुख शिव मंदिरों तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन और पुलिस लगातार सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर नजर बनाए हुए हैं।
भगवान शिव के ससुराल के रूप में प्रसिद्ध कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे कांवड़ियों और शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
इसी दौरान हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अपनी पत्नी प्रज्ञा दीक्षित के साथ दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा कांवड़ मेले के सकुशल संपन्न होने की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को फल एवं पेयजल वितरित किया तथा उनसे संवाद भी किया।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि सावन माह में हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आगामी दिनों में और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेष रूप से डाक कांवड़ को ध्यान में रखते हुए अलग ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन ने बैरागी कैंप, पंतद्वीप और रोड़ीबेलवाला सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों पर वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था की है। साथ ही सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और यातायात नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की गई है।
हरिद्वार प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि देशभर से आने वाले शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनी रहे।