चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से रहें दूर: मुख्यमंत्री धामी

कर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

देवभूमि की सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा को लेकर मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड अपनी आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का राज्य सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और अपनी यात्रा का आनंद शांतिपूर्ण वातावरण में लें।

कर्णप्रयाग और नगरासू घटनाक्रम पर सरकार की नजर

मुख्यमंत्री ने हाल ही में चर्चित रहे कर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और राज्य सरकार प्रत्येक मामले में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।

चारधाम यात्रा में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple सहित चारधामों में 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है तथा विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

हेमकुंट साहिब यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने बताया कि Hemkund Sahib यात्रा भी सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस वर्ष यात्रा के शुरुआती चरण में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 हजार अधिक दर्ज की गई है, जो श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास और बेहतर व्यवस्थाओं का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थित तीन प्रमुख सिख तीर्थस्थल—Hemkund Sahib, Reetha Sahib और Nanakmatta Sahib—देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मान और स्वागत करना राज्य की संस्कृति का हिस्सा है।

‘अतिथि देवो भवः’ उत्तराखण्ड की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की परंपरा सदैव से ‘अतिथि देवो भवः’ की रही है। राज्य में आने वाले सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आगंतुकों का सम्मान और सत्कार किया जाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, भाईचारा और परस्पर सम्मान ही देवभूमि की वास्तविक पहचान हैं।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी समुदाय, धर्म या क्षेत्र विशेष के खिलाफ गलत सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों ने देश के विकास में समान रूप से योगदान दिया है। ऐसे में समाज को बांटने या धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

संवाद और सद्भाव ही समाधान का रास्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि किसी भी व्यक्ति की गरिमा, किसी धर्म की आस्था या किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले कृत्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी विवादों और समस्याओं का समाधान संवाद, संयम और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही संभव है।

बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट, गृह विभाग, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

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