मुख्यमंत्री धामी ने 9.74 लाख लाभार्थियों को भेजी 176.59 करोड़ की पेंशन

सामाजिक न्याय और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, नशा मुक्ति और वरिष्ठ नागरिक सम्मान की दिलाई शपथ

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार, सर्वे चौक में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रदेश के लाखों पेंशनधारकों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत मई 2026 माह की पेंशन राशि एक क्लिक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।

इस अवसर पर प्रदेश के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की पेंशन राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी अथवा अनावश्यक बाधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इसी दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों के वाहन भत्ते में वृद्धि की गई है तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ और ‘अपणि सरकार पोर्टल’ जैसी पहलें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा तथा गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है, जबकि बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उत्तराखंड का बजट आकार अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। पर्यटन, होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट और विद्युत उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सूचकांक में विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और भू-कानून का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। साथ ही नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने चार सूत्रीय रणनीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करने तथा पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अड्डांकी, अपर सचिव प्रकाश चंद्र सहित विभिन्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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