रुद्रप्रयाग में एक अनोखा प्रेम प्रसंग इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां 20 वर्षीय युवती अपने 19 वर्षीय प्रेमी के घर पहुंच गई और उससे शादी करने की जिद पर अड़ गई। अचानक युवती के घर पहुंचने से लड़के के परिवार में हड़कंप मच गया। मामला बढ़ता देख परिजनों ने कानूनी उलझनों के डर से प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी, जिसके बाद घंटों चली काउंसलिंग के जरिए स्थिति को संभाला गया।
जानकारी के अनुसार युवती टिहरी गढ़वाल की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि वह घर छोड़कर सीधे अपने प्रेमी के गांव पहुंच गई थी। वहां पहुंचने के बाद उसने साफ तौर पर कहा कि अब वह अपने घर वापस नहीं जाएगी और अपने प्रेमी से ही विवाह करेगी। युवती के इस फैसले से लड़के का परिवार असमंजस में पड़ गया, क्योंकि युवक की उम्र अभी 21 वर्ष से कम है और ऐसे में विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं माना जाता।
कानूनी कार्रवाई के डर से परिवार ने प्रशासन को दी सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक के परिवार ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन और जिला प्रशासन से संपर्क किया। प्रशासन ने भी मामले को संवेदनशील मानते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए पहले से अभियान चलाया जा रहा है, इसलिए अधिकारियों ने इस मामले को प्राथमिकता पर लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और फिर युवती एवं युवक की अलग-अलग काउंसलिंग की गई।
काउंसलिंग में समझाए गए कानून और भविष्य के पहलू
काउंसलिंग के दौरान अधिकारियों ने युवती को समझाया कि उसका यह कदम युवक और उसके परिवार के लिए कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है। वहीं युवक को भी बताया गया कि निर्धारित वैवाहिक आयु पूरी होने से पहले शादी करना कानूनन उचित नहीं है और इससे परिवार भी कानूनी दायरे में आ सकता है।
अधिकारियों ने दोनों को भावनात्मक फैसलों के बजाय भविष्य, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखने की सलाह दी। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई।
परिजनों के भरोसे के बाद युवती लौटी घर
प्रशासन ने युवती के परिवार से भी दूरभाष पर संपर्क किया। परिजनों ने भरोसा दिलाया कि घर लौटने पर युवती के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी और प्रशासन की निगरानी में युवती को सुरक्षित उसके घर भेज दिया गया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि पिछले वर्ष बसुकेदार क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक नाबालिग युवक अपनी बालिग प्रेमिका से शादी करने बारात लेकर पहुंच गया था। प्रशासन की तत्परता से उस समय भी बाल विवाह रुकवाया गया था। जिले में बीते कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें समय रहते हस्तक्षेप कर विवाह रोके गए।
बदलते सामाजिक माहौल पर चर्चा तेज
इस घटना के बाद समाज में बदलते सामाजिक और पारिवारिक माहौल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, परिवारों में संवाद की कमी और युवाओं द्वारा भावनात्मक निर्णय जल्द लेने की प्रवृत्ति ऐसी घटनाओं को बढ़ा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी अब सामाजिक संरचना और रिश्तों की पारंपरिक सोच तेजी से बदलती दिखाई दे रही है।