उत्तराखण्ड में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बराकोली रेंज में देर रात घेराबंदी कर की गई, जहां से टीम ने भारी मात्रा में हाथी दांत बरामद किया।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से करीब 7 किलो 820 ग्राम वजनी हाथी दांत बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह बरामदगी उत्तराखण्ड में हाल के समय की बड़ी वन्यजीव तस्करी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
STF को पहले से सूचना मिल रही थी कि सितारगंज क्षेत्र में वन्यजीव अंगों की तस्करी सक्रिय है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत इलाके में निगरानी बढ़ाई और देर रात ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।
आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मरतुन्जय हलदार और माणिक मंडल के रूप में हुई है, जो शक्तिफार्म, सितारगंज के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इनके अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
कड़ा कानून, बड़ी सजा
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत हाथी दांत की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। इस कानून के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेटवर्क पर होगी बड़ी कार्रवाई
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हाथी दांत कहां से लाया गया और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसके तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी जुड़े हो सकते हैं।