देहरादून: उत्तराखंड की सियासत में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का केंद्र बने वायरल पत्र मामले पर आखिरकार गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। चार दिन बाद सामने आए उनके बयान ने इस पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है।
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पांडे ने साफ शब्दों में कहा कि उनके नाम से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा पत्र पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। उन्होंने इसे विपक्ष की “सोची-समझी साजिश” करार देते हुए सीधे कांग्रेस पर निशाना साधा।
“मेरी कोई नाराजगी नहीं, संगठन में पूरा सम्मान”
पांडे ने स्पष्ट किया कि उनके और पार्टी के बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं और संगठन में उन्हें पूरा सम्मान मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस पर सीधा हमला
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक कथित पत्र को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि उसमें अरविंद पांडे की नाराजगी झलक रही है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस्तीफे की मांग तक कर डाली थी।
अब पांडे ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सब भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश है और विपक्ष को जनता के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि फर्जी विवाद खड़े करने चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
वायरल लेटर के बाद से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। जहां कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है, वहीं भाजपा ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की है।
आगे और तेज हो सकती है सियासत
हालांकि पांडे के बयान के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ हुई है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, खासकर चुनावी माहौल को देखते हुए।