2014 के बाद शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल : मुख्यमंत्री धामी

राम मंदिर से केदारनाथ पुनर्निर्माण तक देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण : धामी

चारधाम यात्रा में अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

देवभूमि का देवत्व और सांस्कृतिक विरासत हर हाल में सुरक्षित रहेगी : मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और धार्मिक गौरव को नए शिखर पर पहुंचा रहा है।

 

मुख्यमंत्री आज देहरादून जनपद के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में श्री राम मंदिर का भव्य निर्माण केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया जिस दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि देशभर में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दे रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री मोदी के विशेष मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण तेजी से हुआ और आज केदारपुरी दिव्य एवं भव्य स्वरूप में विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

 

उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार सहित चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है, जिससे धार्मिक स्थलों में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान मिली है तथा स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। इससे यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज होगी, साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना सौभाग्य की बात है, लेकिन जिन्होंने इस भूमि को कर्मभूमि बनाया है, वे भी उतने ही सौभाग्यशाली हैं। हम सभी की जिम्मेदारी है कि देवभूमि का देवत्व बना रहे, सांस्कृतिक मूल्य सुरक्षित रहें और हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता देते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, अन्य जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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