हरिद्वार। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। पहले ही दिन तीर्थयात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से आए श्रद्धालुओं के दल ने सबसे पहला ऑफलाइन पंजीकरण कर यात्रा का शुभारंभ किया। सात सदस्यीय इस दल में बिसाहू लाल विश्वकर्मा, मुन्नी विश्वकर्मा, प्यारेलाल विश्वकर्मा, रामदीन प्रजापति, दशरथ प्रजापति, शांति प्रजापति और पार्वती प्रजापति शामिल रहे।
पंजीकरण के इस विशेष अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने “अतिथि देवो भवः” की परंपरा का निर्वहन करते हुए तीर्थयात्रियों का फूल-मालाओं और तिलक के साथ स्वागत किया। अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय होने की कामना भी की।
श्रद्धालुओं ने भी पंजीकरण केंद्र पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। मध्य प्रदेश से आए बिसाहू लाल विश्वकर्मा ने कहा कि प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं बेहद संतोषजनक हैं और स्वागत से वे अभिभूत हैं। वहीं मुन्नी विश्वकर्मा ने भी सुविधाजनक पंजीकरण प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार जताया।
पंजीकरण केंद्र पर केवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण और स्क्रीनिंग भी की जा रही है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के पवित्र धाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—की यात्रा करते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा पहले से की जा रही तैयारियां इस वर्ष की यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।