भारत में सोशल मीडिया पर सख्ती की तैयारी: सरकार को मिल सकता है न्यूज कंटेंट हटाने का अधिकार
नई दिल्ली: भारत में सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है, जिसके तहत केंद्र सरकार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट को हटाने का अधिकार मिल सकता है।
इनफ्लुएंसर और यूजर्स आएंगे निगरानी के दायरे में
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय इनफ्लुएंसर और आम यूजर्स द्वारा साझा की जाने वाली समाचार सामग्री भी सरकारी निगरानी के दायरे में आएगी। अब तक कई इनफ्लुएंसर पत्रकारों की तरह तेजी से खबरें साझा कर रहे थे, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद उनके कंटेंट की जांच और नियंत्रण बढ़ सकता है।
आईटी नियमों में संशोधन का मसौदा जारी
मंत्रालय ने “आईटी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) द्वितीय संशोधन नियम, 2026” का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस मसौदे पर 14 अप्रैल तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।
सरकार के निर्देश मानना होगा अनिवार्य
प्रस्ताव के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए मंत्रालय के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई कंटेंट—खासकर न्यूज या करंट अफेयर्स से जुड़ा—सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसे हटाने का आदेश दिया जा सकेगा।
फेक न्यूज और भ्रामक सूचना पर फोकस
सरकार का उद्देश्य फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और अपुष्ट समाचारों के प्रसार को रोकना बताया जा रहा है। इसके लिए कंटेंट मॉडरेशन को और मजबूत किया जाएगा ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विश्वसनीय जानकारी सुनिश्चित हो सके।
क्या बदल सकता है?
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इनफ्लुएंसर द्वारा शेयर की जाने वाली खबरों पर निगरानी बढ़ेगी
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सोशल मीडिया कंपनियों को सरकारी आदेश मानना होगा
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न्यूज कंटेंट हटाने के लिए कानूनी ढांचा मजबूत होगा
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फेक न्यूज पर कार्रवाई तेज हो सकती है