देहरादून। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के मुख्यालय जौलीग्रांट में ट्रेनिंग सुविधाओं को और आधुनिक बनाने के लिए फेज-2 परियोजना को करीब 27.25 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी मिल गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
फेज-2 के तहत एसडीआरएफ परिसर में लगभग 8 हेक्टेयर भूमि पर आउटडोर ट्रेनिंग कंपोनेंट्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद यहां जवानों और प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू से जुड़ी उन्नत व विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी।
एसडीआरएफ मुख्यालय राज्य में रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशिक्षण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां अधिकारियों और जवानों को प्रशिक्षण देकर प्रदेश की विभिन्न पोस्टों पर तैनात किया जाता है। साथ ही अन्य राज्यों से आए जवानों और आपदा मित्रों को भी यहां प्रशिक्षित किया जाता है, जिससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को मजबूत किया जा सके।
फेज-2 में विकसित होंगी ये सुविधाएं
फेज-2 परियोजना के तहत कई अत्याधुनिक प्रशिक्षण ढांचे तैयार किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से—
स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू ट्रेनिंग एरिया
हाई एटीट्यूड रेस्क्यू ट्रेनिंग कंपोनेंट
रोपवे रेस्क्यू ट्रेनिंग
रेस्क्यू डॉग्स के लिए आब्स्टेकल कोर्स
एसडीआरएफ कर्मियों के लिए आब्स्टेकल रेस्क्यू ट्रेनिंग
डीप डाइविंग पूल
सरफेस वाटर सर्च एंड रेस्क्यू पूल
आउटडोर डेमोन्स्ट्रेशन एरिया
साइट डेवलपमेंट और आधुनिक ट्रेनिंग उपकरणों की खरीद
पर्यावरण निगरानी से जुड़े कार्य
इससे पहले फेज-1 के तहत मुख्यालय का निर्माण पूरा कर 9 जनवरी 2023 को एसडीआरएफ को सौंपा गया था। इसमें एडमिन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, बहुउद्देशीय हॉल, गेस्ट हाउस, बैरक, स्टोर, ट्रेड कॉम्प्लेक्स, मार्ग, 105 परिवारों के लिए आवास, एमटी गैरेज और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया गया था।
एसडीआरएफ के सेनानायक अपर्ण यदुवंशी ने बताया कि यह परियोजना U‑PREPARE योजना के तहत स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद एसडीआरएफ और यहां प्रशिक्षण लेने आने वाले जवानों को और अधिक कठोर व आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।