चारधाम यात्रियों को बड़ी राहत: इस बार बस किराया नहीं बढ़ेगा, रोटेशन सिस्टम से चलेंगी सभी पंजीकृत बसें

ऋषिकेश: चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार राहत भरी खबर है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने फैसला लिया है कि यात्रा सीजन में बसों के किराये में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। यानी श्रद्धालुओं को पिछले वर्ष की तरह ही किराया देना होगा।

गुरुवार को हुई समिति की बैठक में सर्वसम्मति से रोटेशन व्यवस्था का विधिवत गठन किया गया। पहले ही गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन से जुड़े भास्करानंद भारद्वाज को समिति का अध्यक्ष चुना जा चुका है। बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तराखंड में पंजीकृत सभी बसें रोटेशन प्रणाली के तहत ही चारधाम यात्रा में संचालित होंगी।

किराया रहेगा पहले जैसा

समिति के निर्णय के अनुसार:

  • हरिद्वार से प्रति सीट किराया – ₹4450

  • ऋषिकेश से प्रति सीट किराया – ₹4250

बसों को यात्रा में भेजने के लिए हर साल की तरह इस बार भी लॉटरी प्रणाली अपनाई जाएगी और लॉटरी में निकले नंबर के आधार पर वाहनों को यात्रा के लिए भेजा जाएगा।

दस परिवहन कंपनियां संभालेंगी संचालन

चारधाम यात्रा के दौरान संयुक्त रोटेशन व्यवस्था के तहत दस परिवहन कंपनियां बसों का संचालन करती हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन

  • टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स

  • यातायात

  • गढ़वाल मंडल कांट्रेक्ट कैरेज

  • रूपकुंड पर्यटन विकास समिति

  • सीमांत सहकारी संघ लिमिटेड

  • दून वैली कांट्रेक्ट कैरेज एसोसिएशन

  • गढ़वाल मोटर यूजर्स

  • गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति

  • हरिद्वार कांट्रेक्टर

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में जीएमओ के अध्यक्ष गजे सिंह रौथाण, टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, रूपकुंड के अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष सुधीर राय, नवीन रमोला, हर्षवर्धन सिंह रावत, विक्रम सिंह, कृष्णा पंत, यशपाल राणा, नरेश गोयल, बद्री प्रसाद, प्रेम पाल सिंह, प्यारे लाल जुगलान, सुभाष ध्यानी, भोला दत्त जोशी, राम सिंह, नरेंद्र गुसाईं, अर्जुन सिंह रावत, बलवीर सिंह रावत सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन अजय बधानी ने किया।

अप्रैल में शुरू होगी चारधाम यात्रा

इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल में शुरू हो रही है।

  • 19 अप्रैल – अक्षय तृतीया पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे

  • 22 अप्रैलकेदारनाथ धाम के कपाट

  • 23 अप्रैलबदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे

समिति के इस फैसले से लाखों श्रद्धालुओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं रोटेशन व्यवस्था से स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी समान अवसर मिलेगा।

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