देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। चारधाम यात्रा 2025 के दौरान लागू किए गए अभिनव ट्रैफिक और कंट्रोल रूम प्रबंधन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित SKOCH Group के SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए चुना गया है। इस परियोजना का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून लोकजीत सिंह ने किया।
यह सम्मान नई दिल्ली में 28 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले 106वें SKOCH समिट में प्रदान किया जाएगा। शासन और विकास के क्षेत्र में परिणाम आधारित नवाचारों के लिए यह पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।
तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन बना मॉडल
चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तकनीक आधारित व्यापक व्यवस्था लागू की। इसके तहत
उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम
रियल टाइम मॉनिटरिंग
डिजिटल समन्वय तंत्र
इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन
आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली
को मजबूत किया गया। इस मॉडल के लागू होने से यातायात जाम में कमी आई, तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुरक्षित हुई और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।
सीमित समय में तैयार हुआ केंद्रीकृत कंट्रोल रूम
वर्ष 2024 की यात्रा के दौरान आई चुनौतियों से सीख लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने 2025 के लिए नई रणनीति बनाई। IG रेंज के अंतर्गत एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित करने की जिम्मेदारी एसपी लोकजीत सिंह को दी गई। उन्होंने कम समय में टीम के साथ इसे तैयार कर बहु-एजेंसी समन्वय के जरिए यात्रा प्रबंधन को व्यवस्थित ढांचे में बदल दिया।
आपदा और आपात स्थितियों में दिखी त्वरित प्रतिक्रिया
यात्रा के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कंट्रोल रूम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
धराली आपदा के समय रेस्क्यू ऑपरेशन का समन्वय
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना
हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी
इन सभी स्थितियों में त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित कार्रवाई से यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखा गया।
पहले भी मिल चुके हैं राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सम्मान
एसपी लोकजीत सिंह को इससे पूर्व वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए FICCI का FICCI Smart Policing Award मिल चुका है। वहीं वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया था।
डीजीपी ने दी बधाई
पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान नवाचार आधारित पुलिसिंग को नई दिशा देगा और भविष्य के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनविश्वास और सुरक्षा से भी जुड़ा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उत्तराखंड की क्षमता, समन्वय और तकनीक आधारित पुलिसिंग का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।