देहरादून: उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े चंदन सिंह जीना प्रकरण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान चमोली ने हरीश रावत की ओर से इस्तीफे की पेशकश पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस से कई मुद्दों पर जवाब मांगा।
चमोली ने कहा कि चंदन सिंह जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी रहे हैं और उनके यहां ईडी की कार्रवाई में कथित तौर पर नकदी, सोना, विदेशी मुद्रा और अन्य कीमती सामान मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में नियुक्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे और उनकी जांच भी हुई थी, तो उस समय उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
‘नौ साल बाद इस्तीफे की पेशकश क्यों?’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि जिस भ्रष्टाचार की जांच पूर्ववर्ती सरकार के समय शुरू हुई थी, वह कोई नई घटना नहीं है। उनके मुताबिक पहले जांच हुई, उसके बाद लीपापोती के आरोप लगे और दोबारा जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। ऐसे में करीब नौ साल बाद ईडी की कार्रवाई के बाद इस्तीफे की पेशकश किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चमोली ने आरोप लगाया कि इस्तीफे की पेशकश राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने और असहज स्थिति से बचने का प्रयास हो सकती है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी नैतिक जिम्मेदारी क्या थी और उस समय उन्होंने क्या कार्रवाई की।
‘कांग्रेस बताए, चंदे का पैसा किसका?’
विनोद चमोली ने चंदन सिंह जीना के कथित बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस से ‘चंदा मॉडल’ पर भी स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने दावा किया कि बरामद रकम को कांग्रेस पार्टी फंड के लिए अलग-अलग लोगों की ओर से दिए गए चंदे से जोड़कर बताया जा रहा है। चमोली ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि पार्टी फंड के नाम पर किस व्यक्ति ने कितनी रकम दी और यह पैसा किस उद्देश्य के लिए जुटाया जा रहा था।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से इस कथित चंदा व्यवस्था का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के मामलों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा और नकल विरोधी कानून बनाया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने करीब 37 हजार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से कराई हैं।
चमोली ने कहा कि जहां भी नकल या पेपर लीक की शिकायत सामने आई, वहां जांच कराई गई और किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया।
दूसरे राज्यों के मामलों का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने मनमोहन सिंह सरकार के समय सामने आए विभिन्न घोटालों और उत्तराखंड में एनडी तिवारी सरकार के दौरान सामने आए कथित पटवारी और दरोगा भर्ती घोटालों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कुछ नेता आज कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने हुए हैं।
कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की टाइमिंग पर उठाए जा रहे सवालों पर चमोली ने कहा कि चुनाव के कारण अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती। उन्होंने कहा कि चुनाव अपनी जगह है और कानून अपना काम करेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के विचार का भी उल्लेख किया।
हालांकि, चमोली द्वारा लगाए गए राजनीतिक और भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों पर संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।