देहरादून। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे और रैली स्थल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रैली के लिए दिए गए प्रारंभिक आवेदन में राहुल गांधी के कार्यक्रम का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। उनके अनुसार, यदि किसी राष्ट्रीय नेता का कार्यक्रम प्रस्तावित था तो आवेदन पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई और अब प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
भट्ट ने बताया कि इन दिनों देहरादून के परेड ग्राउंड में केंद्र सरकार का लोक संवर्धन पर्व आयोजित हो रहा है। राष्ट्रीय शोक के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम तय समय पर नहीं हो सके थे, इसलिए आयोजन की अवधि दो दिन बढ़ाई गई। ऐसे में परेड ग्राउंड पहले से निर्धारित कार्यक्रम के लिए उपयोग में था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सुरक्षा और उपलब्धता को देखते हुए कांग्रेस को बन्नू स्कूल मैदान सहित अन्य वैकल्पिक स्थलों का प्रस्ताव दिया था। इसलिए यह कहना कि सरकार या प्रशासन राहुल गांधी का कार्यक्रम रोकना चाहता था, पूरी तरह तथ्यहीन है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है और सभी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने का समान अधिकार है। हालांकि उन्होंने कहा कि सभी दलों को प्रशासनिक नियमों और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का सम्मान करना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर प्रशासनिक निर्णय को राजनीतिक साजिश बताकर अनावश्यक विवाद खड़ा करती है और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समान रूप से अनुमति दी जाती है और प्रशासन ने इस मामले में भी केवल वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई।
इस बीच देर रात दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा सुझाए गए बन्नू स्कूल मैदान में राहुल गांधी की रैली आयोजित करने पर सहमति जता दी।