हरिद्वार। हरिद्वार में विदेश से लारेंस विश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अभी फरार है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि धमकी देने की साजिश हरियाणा से रची गई थी, जबकि कॉल विदेश से की गई थी।
मामला 30 अक्टूबर का है, जब पिरान कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी गांव निवासी रवि कुमार ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनके मोबाइल पर विदेश से धमकी भरी कॉल आ रही है। कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में जुटी पिरान कलियर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने मोबाइल नंबर की लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली, जिससे यह खुलासा हुआ कि इस्तेमाल किया गया नंबर हरियाणा के ग्राम किलोई, थाना सदर, जिला रोहतक से जुड़ा हुआ है। आगे की पड़ताल में पुलिस को पता चला कि धमकी देने वाला व्यक्ति अजय हुड्डा, जो इन दिनों आर्मेनिया में नौकरी करता है, ने ही विदेश से फोन किया था।
अजय हुड्डा को कॉल के लिए पीड़ित और उसके भाई का मोबाइल नंबर आशीष सैनी नाम के युवक ने उपलब्ध कराया था, जो मूल रूप से मूलदासपुर माजरा, थाना बहादराबाद, हरिद्वार का रहने वाला है। पुलिस ने आशीष सैनी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अजय हुड्डा अभी फरार है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है और जल्द ही रेड कॉर्नर नोटिस या इंटरपोल सहयोग के जरिए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकरण का कुख्यात गैंगस्टर लारेंस विश्नोई से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, बल्कि उसके नाम का दुरुपयोग करके लोगों को धमकाने और वसूली की कोशिश की गई थी।
एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने बताया कि मामले को साइबर क्राइम की दृष्टि से भी देखा जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस हर कॉल और डिजिटल ट्रेस को बारीकी से जांच रही है, ताकि किसी भी आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अजय हुड्डा ने पहले भी इसी तरह के कॉल अन्य लोगों को किए हैं या नहीं। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, जिससे एक संभावित आपराधिक वसूली की घटना समय रहते टल गई।