देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों और शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और नकल माफियाओं के खिलाफ सरकार के संकल्प पर जोर दिया।
मेधावी छात्रों को सम्मान
समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 75 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, तीन-तीन प्रधानाचार्यों को जिन्होंने अपने विद्यालयों में उत्कृष्ट परिणाम दिए और शीर्ष 50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मान से नवाजा गया।
शिक्षा में नवाचार और डिजिटल क्रांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य और व्यावहारिकता से परिपूर्ण होनी चाहिए। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए—
राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्थापित किए जा रहे हैं।
हमारी विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की संस्कृति और महान विभूतियों से जोड़ा जा रहा है।
226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सभी 13 जनपदों के 1300 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और 5-पीएम ई-विद्या चैनल संचालित किए जा रहे हैं।
कक्षा 1 से 12 तक सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और भारत भ्रमण की सुविधा दी जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता साक्षात्कार की तैयारी हेतु दी जा रही है।
पारदर्शी भर्ती और नकल विरोधी कानून
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। राज्य बनने के शुरुआती 21 वर्षों में मात्र 16 हजार नियुक्तियां ही हो पाई थीं।
उन्होंने कहा कि—
उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू है।
अब तक 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए हैं।
हाल में हुए पेपर लीक प्रयास को सख्ती से दबाया गया है।
इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
“एक-एक नकल माफिया को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाएगी।”
मदरसा शिक्षा में सुधार
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य में लागू नए अल्पसंख्यक शिक्षा कानून के तहत 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे मान्य होंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। बिना शैक्षिक योग्यता वाले धार्मिक गुरुओं द्वारा बच्चों का भविष्य बिगाड़ने पर अब रोक लगेगी।
शिक्षा मंत्री का संबोधन
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों की संख्या 18% बढ़ी है। अंक सुधार परीक्षा से अब छात्रों का दबाव भी कम हुआ है।
कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य
इस अवसर पर शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।