“सरकारी नमक में रेत की मिलावट का मामला: CM धामी का सख्त रुख, जांच के आदेश – दोषियों पर गिरेगी गाज”

देहरादून। उत्तराखंड में गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को सरकार द्वारा सस्ती दरों पर दिया जाने वाला सरकारी आयोडीन युक्त नमक अब विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने सबको चौंका दिया, जिसमें एक महिला ने नमक को पानी में घोलकर दिखाया कि उसमें रेत जैसी गंदगी नजर आ रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे सामने आया मामला?

  • हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ।

  • वीडियो में महिला ने दिखाया कि सरकारी राशन से मिले नमक में रेत और गंदगी मिली हुई है।

  • वीडियो वायरल होने के बाद आमजन में आक्रोश फैल गया और खाद्य आपूर्ति की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।

मुख्यमंत्री धामी का कड़ा रुख

देहरादून सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि:

  • नमक की मिलावट मामले की तुरंत जांच हो।

  • नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा जाए।

  • दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
    उन्होंने कहा कि “गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की प्राथमिकता जनता को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था देना है।”

पूरे प्रदेश में छापेमारी

सीएम के निर्देश के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग और प्रशासनिक टीमों ने राज्यभर में छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और नमक के नमूने एकत्र कर प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।

बैठक में अन्य अहम फैसले

नमक मिलावट प्रकरण के अलावा सीएम धामी ने बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की—

  • संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने के निर्देश।

  • राज्य की सीमाओं पर कड़ी चेकिंग और निगरानी।

  • पुलिस को रात्रि गश्त और अधिक मजबूत करने के आदेश।

  • मानसून के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का विशेष अभियान।

  • सीएम खुद जिलों का दौरा कर सड़क मार्ग से व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से लेकर गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान सेवा और जन-जागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जनता में आक्रोश और चिंता

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सरकारी राशन जीवनरेखा है। ऐसे में नमक जैसी बुनियादी वस्तु में मिलावट की खबर ने जनता के बीच नाराजगी और अविश्वास बढ़ा दिया है। लोग चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष और तेज हो, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और आम जनता का भरोसा सरकार पर कायम रहे।

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