भराड़ीसैंण सत्र में कांग्रेस का हंगामा, नैनीताल घटना पर सरकार घिरी

गैरसैंण,  उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नैनीताल पंचायत चुनाव में हुई कथित अराजकता और वोट लूटकांड को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

“वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे

कांग्रेस विधायक विधानसभा भवन पहुंचे तो उनके हाथों में “वोट चोर गद्दी छोड़” लिखी पट्टियाँ थीं। पूरे परिसर में कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।

विपक्ष का आरोप – लोकतंत्र का गला घोंटा

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा—
“नैनीताल में तमंचे और तलवारों के बल पर वोटों की लूट की गई। यह भाजपा की लोकतंत्र विरोधी कार्यशैली का खुला प्रमाण है। सरकार ने कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साध ली, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया।”

सरकार बर्खास्त करने की मांग

विपक्ष का कहना है कि जिस तरह पंचायत चुनाव में कानून व्यवस्था तार-तार हुई, उसे देखते हुए सदन के अंदर नियम 310 के तहत सरकार की बर्खास्तगी और नैनीताल के डीएम-एसपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

CM धामी के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने कहा—
“पूरे देश में वोट चोरी भाजपा की पहचान बन चुकी है। उत्तराखंड में भी पंचायत चुनावों में आरक्षण से लेकर नैनीताल की घटना तक भाजपा की करतूतें सामने आ चुकी हैं। मुख्यमंत्री में यदि जरा भी नैतिकता बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।”

पीड़ितों पर कार्रवाई का आरोप

कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नैनीताल घटना में आरोपियों को बचाते हुए उल्टा पीड़ितों और कांग्रेस नेताओं पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए।
उन्होंने कहा—
“सरकार का यह रवैया लोकतंत्र का गला घोंटने वाला है। लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है।”

धक्का-मुक्की और पुलिस पर सवाल

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने दावा किया कि नैनीताल में कांग्रेस विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि “इन अफसरों को तो भाजपा का पदाधिकारी बना देना चाहिए।”
सुमित हृदयेश ने यह भी कहा कि चुनाव में धांधली हुई है, इसलिए इन्हें दोबारा कराया जाना चाहिए।

कांग्रेस का आर-पार का मूड

कांग्रेस विधायकों ने साफ किया कि वे अब सरकार को किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं हैं। सड़क से लेकर सदन तक भाजपा सरकार को घेरने का ऐलान करते हुए कांग्रेस ने कहा—
“यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है और कांग्रेस सरकार की ईंट से ईंट बजा देगी।”

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