देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव की बात है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ का केंद्र सरकार में डीजी (Director General) और डीजी समकक्ष स्तर के पदों के लिए एम्पैनलमेंट हो गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा जारी सूची में 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ का नाम शामिल किया गया है। इस निर्णय के बाद वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, केंद्रीय सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण संगठनों में डीजी अथवा समकक्ष पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र हो गए हैं।
हालांकि एम्पैनलमेंट के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उनके जल्द केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एम्पैनलमेंट और केंद्रीय नियुक्ति दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
क्या होता है एम्पैनलमेंट?
केंद्र सरकार समय-समय पर अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों का उच्च पदों के लिए मूल्यांकन करती है। अधिकारियों की सेवा अवधि, प्रशासनिक अनुभव, कार्य निष्पादन, नेतृत्व क्षमता और उपलब्धियों के आधार पर उन्हें विभिन्न स्तरों के पदों के लिए एम्पैनल किया जाता है।
एम्पैनलमेंट का अर्थ केवल यह होता है कि संबंधित अधिकारी अब उस स्तर के पदों पर नियुक्ति पाने के लिए पात्र है। यह किसी पद पर तत्काल नियुक्ति की गारंटी नहीं देता।
दीपम सेठ के मामले में इसका अर्थ है कि यदि भविष्य में केंद्र सरकार उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुलाती है, तो उनकी नियुक्ति डीजी या डीजी समकक्ष स्तर के पदों पर की जा सकेगी।
केंद्र जाने का रास्ता खुला, लेकिन फैसला अभी नहीं
एम्पैनलमेंट के बाद यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि दीपम सेठ जल्द ही दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर भेजे जा सकते हैं। हालांकि प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ऐसा तभी संभव होगा जब—
केंद्र सरकार किसी पद के लिए उनका चयन करे।
संबंधित विभाग में रिक्ति उपलब्ध हो।
उत्तराखंड सरकार उन्हें प्रतिनियुक्ति के लिए अनुमति दे।
स्वयं अधिकारी भी इसके लिए सहमति दें।
इन सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद ही किसी अधिकारी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति संभव होती है।
उत्तराखंड के 13वें DGP हैं दीपम सेठ
1995 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ वर्ष 2024 में उत्तराखंड के 13वें पुलिस महानिदेशक बने थे। अपने लंबे प्रशासनिक और पुलिस सेवा अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, पुलिस आधुनिकीकरण और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण माना जाता है।
केंद्र सरकार का भरोसा दर्शाता है एम्पैनलमेंट
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि डीजी स्तर के लिए एम्पैनलमेंट किसी भी आईपीएस अधिकारी के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाता है। यह इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार ने अधिकारी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा रिकॉर्ड को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों के लिए उपयुक्त माना है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा जारी सूची में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रीय कैडर के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भी डीजी और डीजी समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल किया गया है।
फिलहाल उत्तराखंड में ही निभाएंगे जिम्मेदारी
एम्पैनलमेंट के बावजूद फिलहाल दीपम सेठ उत्तराखंड पुलिस प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। राज्य सरकार या केंद्र सरकार की ओर से उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
ऐसे में यह स्पष्ट है कि एम्पैनलमेंट को उनकी प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि तत्काल तबादले या केंद्रीय नियुक्ति के संकेत के रूप में।
दीपम सेठ का यह चयन न केवल उनके व्यक्तिगत प्रशासनिक करियर की उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड पुलिस के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।