उत्तराखंड: पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर किसान ने की आत्महत्या, मुख्यमंत्री के आदेश पर होगी मजिस्ट्रियल जांच
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी सिख किसान सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे प्रदेश में गहरी संवेदना, आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह मामला अब केवल एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली, कथित भ्रष्टाचार और न्याय व्यवस्था पर उठते गंभीर सवालों से जुड़ गया है।
होटल में गोली मारकर दी जान
घटना 10 जनवरी 2026 की रात की है। सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ नैनीताल घूमने आए थे। वे काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। रात के समय उन्होंने होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय परिवार के सदस्य होटल में ही मौजूद थे, जिससे यह हादसा और भी हृदयविदारक बन गया।
फेसबुक लाइव में लगाए गंभीर आरोप
आत्महत्या से ठीक पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव वीडियो के माध्यम से अपनी पीड़ा सार्वजनिक की। वीडियो में उन्होंने जमीन से जुड़े करीब चार करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि
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कई महीनों तक शिकायत करने के बावजूद उत्तराखंड पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की,
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उल्टा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया,
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कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भू-माफिया से मिलीभगत में शामिल हैं।
वीडियो में सुखवंत सिंह ने खुद को टूट चुका बताते हुए कहा कि उन्हें अब किसी भी स्तर पर न्याय की उम्मीद नहीं बची है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी की थी।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों का अल्टीमेटम
रविवार शाम जब सुखवंत सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास काशीपुर पहुंचा, तो माहौल गमगीन के साथ-साथ आक्रोशपूर्ण हो गया। परिजनों ने प्रशासन को खुला अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि—
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सुखवंत सिंह की अंतिम फेसबुक लाइव वीडियो को प्राथमिक साक्ष्य माना जाए,
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जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम वीडियो में सामने आए हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजिस्ट्रियल जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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वहीं एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने कुमाऊं रेंज के आईजी को गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।