“उमेश कुमार का ‘लेटर बम’: हाकम सिंह को VIP ट्रीटमेंट क्यों? पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत पर गंभीर आरोप”

देहरादून/उत्तराखंड:
उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने एक बड़ा ‘लेटर बम’ फोड़ते हुए राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक पत्र का सार्वजनिक रूप से खुलासा किया है, जिसमें उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी हाकम सिंह को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।


क्या है पूरा मामला?

उमेश कुमार का दावा है कि वर्ष 2018 में, जब त्रिवेंद्र सिंह रावत राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब हाकम सिंह की मां के लिए विशेष सरकारी हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी। यह सुविधा राज्य सरकार की ओर से दी गई थी, जो आम तौर पर केवल अत्यंत आवश्यक या संवैधानिक कार्यों के लिए ही इस्तेमाल होती है।

विधायक उमेश कुमार का सीधा सवाल है:

“एक साधारण ग्रामीण महिला के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर भेजने की नौबत क्यों आई? क्या यह व्यवस्था सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि वह हाकम सिंह की मां थीं?”


पत्र में उठाए गए सवाल:

उमेश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए जो पत्र लिखा है, उसमें उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदु उजागर किए हैं:

  1. हाकम सिंह की मां के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था किस आधार पर की गई?

  2. क्या इस फैसले के पीछे कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संबंध थे?

  3. क्या हाकम सिंह को सत्ता संरक्षण प्राप्त था, जिससे वह वर्षों तक नकल माफिया के रूप में फलता-फूलता रहा?


UKSSSC पेपर लीक घोटाले से कनेक्शन

गौरतलब है कि हाकम सिंह, उत्तराखंड के सबसे बड़े भर्ती घोटाले—UKSSSC पेपर लीक कांड—का मुख्य आरोपी रहा है। आरोप है कि हाकम सिंह ने प्रशासन और सत्ता के कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से उत्तराखंड की सरकारी भर्तियों को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया।

उमेश कुमार का कहना है कि अगर 2018 में ही हाकम सिंह को VIP ट्रीटमेंट दिया गया था, तो यह जांच का विषय है कि क्या वह पहले से ही सत्ता के किसी “संपर्क” में था?


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और हलचल

उमेश कुमार के आरोपों के बाद सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी हाल ही में सवाल उठाया था—

“हाकम सिंह का हाकम कौन?”

यह बयान अब और भी प्रासंगिक हो गया है क्योंकि उमेश कुमार का पत्र सीधे तौर पर उस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश कर रहा है।


क्या बोले उमेश कुमार?

“मैं यह पत्र केवल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि जनता के हक की खातिर लिख रहा हूं। जब एक आम व्यक्ति को अपने इलाज के लिए एंबुलेंस तक नसीब नहीं होती, तो एक नकल माफिया की मां के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर क्यों उड़ाया गया? इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।”


त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रतिक्रिया?

फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन उमेश कुमार के पत्र और लगाए गए आरोपों के बाद उनसे जवाब की उम्मीद की जा रही है। अगर यह मामला और तूल पकड़ता है तो राज्य की सियासत में भूचाल आ सकता है।


मुद्दा सिर्फ हेलीकॉप्टर का नहीं है…

इस पूरे प्रकरण में मुद्दा सिर्फ एक हेलीकॉप्टर उड़ान का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के दुरुपयोग, सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार और नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ का है। हाकम सिंह जैसे नकल माफियाओं को संरक्षण कैसे मिला, और वे कैसे इतने वर्षों तक बेधड़क काम करते रहे—इसकी जांच की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है।

 

उमेश कुमार के ‘लेटर बम’ ने उत्तराखंड की राजनीति को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री पर लगे ये आरोप केवल एक हेलीकॉप्टर उड़ान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे सिस्टम में घुसे सत्ताशक्ति और अपराध गठजोड़ की ओर इशारा करते हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच आगे बढ़ती है या हमेशा की तरह राजनीति की धूल में दफ्न हो जाएगी।

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