रुद्रप्रयाग। सोनप्रयाग में मंगलवार को केदारनाथ यात्रा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रा मार्ग पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे सोनप्रयाग क्षेत्र में लंबा और भयंकर जाम लग गया। बाइक, कार, टैक्सी और पैदल यात्री घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। भीड़ और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है। यात्रा शुरू होने के महज 23 दिनों के भीतर चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 11 लाख के पार पहुंच चुकी है। हर दिन लगभग 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की है। केवल 20 दिनों में ही साढ़े चार लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह सोनप्रयाग में हजारों श्रद्धालु धाम जाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोग सड़क किनारे बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लंबी कतारों और जाम के कारण यात्रियों में नाराजगी और थकान साफ दिखाई दी।
इससे पहले 10 मई को भी सोनप्रयाग से भारी भीड़ का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद केदारनाथ धाम की कैरिंग कैपेसिटी और यात्रा प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे थे। मंगलवार को एक बार फिर सामने आए भीड़ के हालात ने यात्रा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यात्रा सीजन के दौरान सोनप्रयाग में आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। वाहनों का दबाव और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि यात्रियों को घंटों जाम में फंसकर परेशान न होना पड़े और यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो सके।
इस बीच मौसम विभाग ने भी यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई के लिए उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।