रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां किराये के एक कमरे से नेपाली मूल की महिला और उसके 9 वर्षीय बेटे के सड़े-गले शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे हत्या का मामला मान रही है, जबकि महिला का पति घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।
एक सप्ताह से बंद था कमरा
जानकारी के अनुसार तिलवाड़ा-सुमाड़ी क्षेत्र में विद्युत कॉलोनी के पास बस्ती से कुछ दूरी पर नेपाल मूल का दीपक बहादुर अपनी पत्नी कमला शाही (34 वर्ष) और बेटे रोशन सिंह (9 वर्ष) के साथ पिछले करीब पांच वर्षों से किराये के कमरे में रह रहा था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह से कमरे का दरवाजा बंद था। शुरुआत में किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद कमरे से तेज बदबू आने लगी। इसके बाद मकान मालिक को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर उत्तराखंड पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कमरे के बाहर से ताला लगा मिला। संदेह के आधार पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो वहां महिला और उसके बेटे के शव पड़े मिले, जो काफी समय बीत जाने के कारण बुरी तरह सड़ चुके थे।
पति पर गहराया शक
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मां-बेटे की हत्या की आशंका जताई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के बाद से महिला का पति दीपक बहादुर लापता है। पुलिस को शक है कि वह इस मामले में शामिल हो सकता है, इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
कोतवाली निरीक्षक सुरेश चंद्र बलूनी के अनुसार मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।