नगरासू गुरुद्वारा विवाद पर पंजाब के सीएम भगवंत मान की मुख्यमंत्री धामी से बातचीत

बातचीत और संवाद से समाधान निकालने पर जोर, पंजाब सरकार ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

देहरादून। रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में चल रहे विवाद को लेकर अब मामला दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के स्तर तक पहुंच गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बातचीत के दौरान कहा कि निहंग सिखों की जो भी मांगें हैं, उन्हें सुना जाना चाहिए और दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी पक्षों को धैर्य और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार का तनाव और न बढ़े।

पंजाब सरकार ने सहयोग का दिया भरोसा

सीएम मान ने मुख्यमंत्री धामी को भरोसा दिलाया कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पंजाब सरकार हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है तो पंजाब सरकार पूरा सहयोग करेगी। साथ ही पंजाब सरकार सिख धर्म गुरुओं और संबंधित पक्षों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए है।

क्या है पूरा मामला?

नगरासू गुरुद्वारे का विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ। हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के बीच विवाद हो गया था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। इस दौरान तलवारबाजी की घटना भी सामने आई, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके विरोध में कुछ निहंग सिख 20 जून से रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में डटे हुए हैं।

गुरुद्वारे में डटे हैं निहंग सिख

बताया जा रहा है कि सात से आठ निहंग सिख गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं। शुरुआती दौर में दो सेवादारों को बंधक बनाए जाने की सूचना भी सामने आई थी, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस और प्रशासन लगातार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

21 जून को एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि 22 जून को एक अन्य निहंग को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बावजूद गुरुद्वारे के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगरासू गुरुद्वारे और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस के अलावा Indo-Tibetan Border Police के जवानों को भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने एहतियातन कर्णप्रयाग और नगरासू क्षेत्र में धारा 163 लागू कर रखी है।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी संवाद और शांति के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारियों से बचें, ताकि प्रदेश का सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।

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