पुलिस थप्पड़ कांड : नर्सिंग विवाद पर भड़की महिला कांग्रेस, पुलिस मुख्यालय का किया घेराव

देहरादून में नर्सिंग भर्ती विवाद से पैदा हुआ तनाव आज एक बार फिर उबाल पर पहुंच गया, जब नर्सिंग बेरोज़गार युवतियों पर महिला पुलिसकर्मी द्वारा की गई कथित अभद्रता और थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से एक बड़ा जुलूस निकला, जिसमें नर्सिंग बेरोज़गार युवतियों की संख्या भी उल्लेखनीय थी। पूरा मार्ग सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी और विरोध के स्वर से गूंजने लगा।

पुलिस ने मुख्यालय से काफी पहले ही भारी बैरिकेडिंग कर दी थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। लेकिन महिला कांग्रेस की नेताओं ने बैरिकेडिंग के सामने ही धरना शुरू कर दिया और कुछ कार्यकर्ता नारे लगाते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़ भी गईं। इसी दौरान सरकार के विरोध में पुतला दहन किया गया, जिससे मौके पर माहौल और गर्म हो गया। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में बैठाकर एकता विहार में छोड़ दिया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश की बेटियाँ रोजगार और अपने अधिकारों की मांग कर रही थीं, लेकिन सरकार ने संवाद की बजाय दमन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही युवतियों पर थप्पड़ और धक्का-मुक्की जैसी घटनाएँ सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण हैं। रौतेला ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री धामी की सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का उपयोग कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है।

उन्होंने यह भी कहा कि नर्सिंग युवतियाँ अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, वे सिर्फ पारदर्शी और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रही हैं। लेकिन उनके सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें अपमानित किया जा रहा है। रौतेला ने कहा कि यह घटना न केवल महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है बल्कि राज्य में व्याप्त दमनकारी रवैये का भी संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अभियान को कमजोर समझने की भूल की, तो महिला कांग्रेस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तीव्र करेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल, महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष उर्मिला थापा, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, सुशीला शर्मा, पुष्पा पवार, अनुराधा तिवारी, अनीता सकलानी, रेखा ढींगरा और सेवादल की महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं। सभी ने एक स्वर में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि नर्सिंग युवतियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महिला कांग्रेस ने साफ कहा है कि सरकार को नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लानी होगी और पुलिस अभद्रता की घटना पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे, अन्यथा यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक होगा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर उस बेटी के साथ खड़ी हैं जो अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ रही है।

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