नैनीताल पंचायत चुनाव विवाद: हाईकोर्ट में तीखी बहस, SSP की भूमिका पर उठे सवाल – री-पोल या जीत-हार बरकरार रखने पर फैसला जल्द

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय में मंगलवार को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव विवाद पर अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जी तरेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग और प्रशासन से कई तीखे सवाल पूछे।

 SSP की कार्यशैली पर सवाल

मुख्य न्यायाधीश ने चुनाव आयोग के अधिवक्ताओं से पूछा कि जब चुनाव के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं और SSP की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे, तो तत्काल कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
उन्होंने कहा –
“SSP की रिपोर्ट 20 तारीख को आई, लेकिन उनके खिलाफ कोई नोटिस तक जारी नहीं हुआ। पूरी घटना कप्तान की लापरवाही से हुई। हमने बहुत कुछ ऑब्जर्व किया है।”

 चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट और जितेंद्र कुमार सेठी ने न्यायालय में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि:

  • जिलाधिकारी और SSP से फाइनल रिपोर्ट मिल चुकी है।

  • पराजित प्रत्याशी ने भी लिखित शिकायत दी है।

  • DGP से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

  • आयोग सभी पक्षों को सुनने के बाद ही यह तय करेगा कि री-पोलिंग कराई जाए या परिणाम को यथावत रखा जाए।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि शुक्रवार को सभी प्रभावित पक्षों—जिलाधिकारी, प्रत्याशी, याची और SSP—को बुलाया गया है और उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

 याचिकाकर्ता की दलील

याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता देविदत्त कामथ ने आपत्ति जताई कि राज्य सरकार का अधिवक्ता चुनाव आयोग के लिए कैसे बहस कर सकता है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि री-पोल कराया जाएगा, इसलिए आयोग को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
कामथ ने सुझाव दिया कि अदालत शुक्रवार तक रीजॉइनडर (पुनः जवाब) दाखिल कराने की अनुमति दे, ताकि याचिका को जारी रखा जा सके।

कोर्ट की टिप्पणियां

  • कोर्ट ने कहा कि SSP के खिलाफ कोई तत्काल कार्यवाही न होना गंभीर सवाल खड़ा करता है।

  • ARO की रिपोर्ट का भी संज्ञान नहीं लिया गया है।

  • SP इंटेलिजेंस ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था कि बाहरी लोग माहौल बिगाड़ सकते हैं, फिर भी प्रशासन ने ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?

  • मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि DM भी इस मामले में फेल हुए हैं।

अगली सुनवाई

खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार के लिए तय की है। तब तक चुनाव आयोग और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

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