देहरादून। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) की नियमावली तैयार करने में हो रही देरी पर सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए शिक्षा सचिव को निर्देश दिए कि नियमावली से जुड़ी सभी अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए और एक माह के भीतर नियमावली को कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाए।
सोमवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि विगत चार वर्षों से नियमावली तैयार न होना विभागीय उदासीनता का प्रमाण है। उन्होंने शिक्षा सचिव रविनाथ रमन को कार्मिक विभाग से सीधे समन्वय स्थापित कर लंबित आपत्तियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एससीईआरटी और डायट में लंबे समय से खाली पड़े पदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अकादमिक और पैरा-अकादमिक पदों के रिक्त रहने से शिक्षण और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है। डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को सभी 13 डायटों में प्रवक्ता के रिक्त 221 पदों पर शीघ्र भर्ती के लिए अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक आयोग से चयनित अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऐसे प्रवक्ता शिक्षकों को डायटों में अटैच किया जाए, जिनके विषयों में विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य है। इससे डायटों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में सभी डायटों में वरिष्ठ प्रवक्ता के 69 और प्रवक्ता के 53 पद रिक्त हैं। जबकि शेष स्वीकृत पदों पर विभागीय प्रवक्ता शिक्षकों की तैनाती की गई है।
इस समीक्षा बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।