केदारनाथ धाम में अप्रैल में फिर बर्फबारी, यात्रा तैयारियों पर मौसम की मार

केदारनाथ धाम। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है और धाम में लगातार बर्फबारी ने यात्रा तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। बीती रात से हो रही भारी बर्फबारी के चलते पूरे क्षेत्र में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिससे हाल ही में साफ किए गए रास्ते दोबारा पूरी तरह ढक गए हैं।

मंदिर परिसर भी बर्फ से आच्छादित हो चुका है, जिसके कारण यात्रा व्यवस्थाओं पर असर पड़ा है। मजदूरों और कर्मचारियों द्वारा किए गए बर्फ हटाने के कार्य पर फिर से पानी फिर गया है, जिससे तैयारियों को दोबारा पटरी पर लाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

बताया जा रहा है कि इस बार अप्रैल में भी मौसम सामान्य नहीं है और लगातार खराब बना हुआ है। ऐसे में 22 अप्रैल को प्रस्तावित कपाट खुलने की तिथि नजदीक आने के साथ ही प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती के अनुसार, धाम में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से तैयार करने में कठिनाई आ रही है। जिन स्थानों से बर्फ हटाई गई थी, वहां फिर से बर्फ जमने से काम धीमा पड़ गया है।

धाम में तैनात जवान सुरक्षा के साथ-साथ बर्फ हटाने के कार्य में भी जुटे हुए हैं। माइनस तापमान में काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद जवान लगातार डटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, तैयारियों को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि यात्रा समय पर शुरू हो सके।

इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने भी राज्य के कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। रुद्रप्रयाग समेत उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक, बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अन्य जिलों में भी खराब मौसम और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे हालात में यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं होता है, तो यात्रा व्यवस्थाओं के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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