दून में दिसंबर अलर्ट: ट्रैफिक दबाव और टूरिस्ट सीजन के चलते रैली-प्रदर्शन पर पुलिस की अस्थायी पाबंदी
देहरादून।उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी देहरादून में दिसंबर माह के दौरान बढ़ती भीड़, पर्यटकों की भारी आवक और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रैली, जुलूस, विरोध प्रदर्शन और बड़े सार्वजनिक जमावड़ों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। दून पुलिस का कहना है कि यह निर्णय शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारू रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, दिसंबर महीने में देहरादून में पर्यटन सीजन चरम पर रहता है। इसके साथ ही स्कूलों के वार्षिक कार्यक्रम, विवाह समारोह, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में यदि राजनीतिक रैलियां या बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं, तो इससे ट्रैफिक जाम, आपातकालीन सेवाओं में देरी और आम जनता को भारी असुविधा हो सकती है।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में शहर के कई इलाकों में यातायात जाम की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। मसूरी रोड, राजपुर रोड, मालदेवता, सहसपुर और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर वीकेंड और छुट्टियों के दौरान वाहनों का दबाव अत्यधिक रहता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली-प्रदर्शन और जुलूसों के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका बनी रहती है, जिससे एम्बुलेंस, फायर सर्विस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किन गतिविधियों पर रहेगी रोक?
पुलिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, फिलहाल इन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा—
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राजनीतिक रैलियां और जनसभाएं
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मोर्चे, जुलूस और विरोध प्रदर्शन
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बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र करने वाले कार्यक्रम
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बिना प्रशासनिक अनुमति सड़कों पर किसी भी प्रकार का आयोजन