‘गज उत्सव’ के तहत देहरादून में साइक्लोथॉन का आयोजन, हाथियों के संरक्षण का दिया संदेश
‘राइड फॉर कंज़र्वेशन’: देहरादून में साइक्लोथॉन के जरिए गूंजी हाथी संरक्षण की पुकार
गज उत्सव की साइक्लोथॉन से निकला संदेश – “हमारे साथ रहें गजराज”
देहरादून में वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत ‘गज उत्सव’ से
देहरादून में वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत एक अनोखे और प्रेरणादायक आयोजन से हुई।
‘नेचर्स बडी’ संस्था एवं ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (WTI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘गज उत्सव 2025’ के तहत शनिवार को ‘राइड फॉर कंज़र्वेशन साइक्लोथॉन’ का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य हाथियों एवं उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

130 प्रतिभागियों ने 15 किलोमीटर तक बढ़ाया संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में लगभग 130 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। साइक्लोथॉन की शुरुआत सौदासरोली से हुई और यह रायपुर रेंज कार्यालय तक लगभग 15 किलोमीटर तक चली।
रैली को रायपुर रेंज अधिकारी हरीश गैरोला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान प्रतिभागियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्साह और हाथियों के सहअस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता देखने को मिली।

नेचर्स बडी टीम ने दी हाथियों के गलियारों की जानकारी
रैली के दौरान नेचर्स बडी की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को उत्तराखंड के हाथी गलियारों (Elephant Corridors) और उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
टीम ने बताया कि बढ़ते शहरीकरण, सड़क परियोजनाओं और वनक्षेत्रों में दखल के कारण हाथियों के प्राकृतिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं।
साथ ही, लोगों से अपील की गई कि वे हाथियों के आवासीय क्षेत्रों में मानव गतिविधियों को सीमित करें और संरक्षण अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं।

संरक्षण के लिए प्रेरक सम्मान समारोह
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों में —
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अर्जुन, 6 वर्षीय बाल संरक्षण प्रेमी, जिन्हें ‘यंगेस्ट कंजरविस्ट’ घोषित किया गया।
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लक्ष्मण सिंह बिष्ट, 68 वर्षीय वरिष्ठ प्रकृति प्रेमी, जिन्हें ‘ओल्डेस्ट कंजरविस्ट’ सम्मान मिला।
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मनोज सिंह रावत, सदस्य, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग एवं पूर्व एडीजी, आईटीबीपी।
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गजेन्द्र रमोला, जिन्होंने लंबे समय से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्य किया है।
सभी सम्मानित प्रतिभागियों ने मानव और हाथियों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए अपना संकल्प दोहराया।
मानव-हाथी सहअस्तित्व की दिशा में सशक्त पहल
‘गज उत्सव’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है — प्रकृति और प्राणियों के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन का आह्वान।
आयोजकों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में उत्तराखंड को मानव-हाथी सहअस्तित्व का मॉडल राज्य बनाने में मदद करेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ प्रतिभागियों ने भी वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को लेकर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

स्थान: रायपुर रेंज, देहरादून
अवसर: वन्यजीव सप्ताह – गज उत्सव 2025
कार्यक्रम: राइड फॉर कंज़र्वेशन साइक्लोथॉन
आयोजक: नेचर्स बडी एवं वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया
