पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को अपनी जन्मस्थली मड़मानले के टुंडी गांव पहुंचे, जहां उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं रहा। गांव में कदम रखते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और वातावरण में उल्लास भर गया। लंबे समय बाद अपने बीच मुख्यमंत्री को देखकर ग्रामीणों की खुशी देखते ही बनती थी। बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उनके स्वागत के लिए पहले से ही जमा थे।
गांव की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जैसे ही सीएम धामी गांव पहुंचे, महिलाओं ने उन पर पुष्प वर्षा की और पारंपरिक स्वागत गीतों से पूरा माहौल भावनाओं से भर गया। स्थानीय महिलाओं और युवतियों ने लोकगीतों के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त की, जिससे गांव में एक सांस्कृतिक उत्सव जैसा दृश्य दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ समय गांववासियों के साथ बिताया और उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों से गांव की समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय विकास से संबंधित मुद्दे उनके सामने रखे। सीएम धामी ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि आवश्यकतानुसार विभागों को निर्देश दिए जाएंगे और गांव के विकास के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
अपनी जन्मभूमि पहुंचकर स्वयं मुख्यमंत्री भी भावुक और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि टुंडी गांव की मिट्टी और लोगों का स्नेह उन्हें हमेशा नई ऊर्जा देता है। उन्होंने ग्रामीणों के स्नेह और स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
गांव में कुछ समय बिताने के बाद मुख्यमंत्री धामी जौलजीबी के लिए रवाना हुए, जहां वे प्रसिद्ध ऐतिहासिक जौलजीबी मेले का उद्घाटन करेंगे। गांव में उनके आगमन को लेकर पिछले कई दिनों से उत्साह था, और शुक्रवार को वह उत्साह एक बड़े समारोह के रूप में दिखाई दिया।