GST की नई दरें और स्वदेशी अभियान पर CM धामी की बड़ी बैठक, कहा- “त्योहारों पर स्वदेशी को दें प्राथमिकता”
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेशभर में चल रहे जीएसटी एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक श्रीमती रेणु बिष्ट समेत अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
जीएसटी की नई दरों से मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुई जीएसटी की नई दरें राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं। इन दरों का सीधा लाभ अब आम जनता और कारोबारियों तक पहुंचने लगा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे इन नई कर दरों की जानकारी और लाभ आम नागरिकों तक पहुँचाने के लिए अधिक प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाएँ।
ग्राम सभाओं और नगर निकायों तक पहुँचे अभियान
सीएम धामी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ।
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हर ग्राम सभा और नगर निकाय में छोटे-बड़े व्यापारियों तक अभियान पहुँचे।
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जनता को नए जीएसटी प्रावधानों और स्वदेशी उत्पादों की उपयोगिता के बारे में बताया जाए।
स्वदेशी उत्पादों से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अभियान से स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने कहा, “हम केवल स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और खरीद को बढ़ावा देकर ही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना पूरा कर सकते हैं।”
त्योहारों पर स्वदेशी खरीदारी का आह्वान
सीएम धामी ने विशेष रूप से आगामी त्योहारी सीजन का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान विदेशी वस्तुओं की बजाय स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकार तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि हर नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी कर सके।
बैठक में यह रहे प्रमुख बिंदु
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नई जीएसटी दरों की जानकारी व्यापक स्तर पर जनता तक पहुँचाई जाए।
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स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
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त्योहारों में स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष अपील की जाए।
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अभियान को दीर्घकालिक जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य हो।