सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने CJP के संस्थापक सदस्यों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने की इच्छा रखना गलत नहीं है, लेकिन छात्र आंदोलन को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का माध्यम नहीं बनना चाहिए।
हैदराबाद में एक पॉडकास्ट के दौरान वांगचुक ने कहा कि उन्होंने CJP के संस्थापक सदस्यों को करीब से देखा है और उनके आकलन के मुताबिक उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें उन्हें कोई बुराई नजर नहीं आती। उनके मुताबिक, “वे संत नहीं हैं” और राजनीति में आगे बढ़ने की इच्छा होना स्वाभाविक है।
वांगचुक ने कहा कि वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा राजनीति में आएं, चाहे वे किसी मौजूदा राजनीतिक पार्टी से जुड़ें या अपनी पार्टी बनाएं।
छात्र आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से दूर रखने की अपील
वांगचुक ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के आम आदमी पार्टी से जुड़े पूर्व राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का पहले किसी राजनीतिक दल के साथ काम करना अपने आप में गलत नहीं है और इसी वजह से उन्होंने छात्र आंदोलन में उनके साथ काम करने से परहेज नहीं किया।
उन्होंने बताया कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर करीब दो महीने चले प्रदर्शन में काम किया था।
हालांकि, वांगचुक ने यह भी कहा कि भविष्य में संस्थापकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि CJP के मंच का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए न हो।