चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार: मार्च तक अलकनंदा पर 200 मीटर पुल बनने की तैयारी, बदरी–केदार हाईवे होंगे आपस में कनेक्ट

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी पर बन रहा 200 मीटर लंबा पुल अब परियोजना के अंतिम चरण में पहुंच गया है। पुल तैयार होने के बाद पहली बार बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे, जिससे आगामी चारधाम यात्रा में यात्री बिना शहर में प्रवेश किए सुगम मार्ग से आगे बढ़ सकेंगे। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देगी, बल्कि रुद्रप्रयाग शहर में वर्षों से बनी जाम की समस्या का स्थायी समाधान भी करेगी।

156 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना, तीन चरणों में हो रहा निर्माण

अलकनंदा नदी पुल कनेक्टिविटी प्लान बड़े पैमाने पर तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है:

पहला चरण

  • बीआरओ ने जवाड़ी बाईपास का निर्माण पूरा किया।

  • साथ ही मंदाकिनी नदी पर पुल बनाया गया, जिससे यातायात का दबाव कम हुआ।

दूसरा चरण

  • जागतोली तिराहा से कोटेश्वर तिराहा तक 900 मीटर लंबी सुरंग पूरी की गई।

  • सुरंग शुरू होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

तीसरा चरण (वर्तमान में जारी)

  • अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल तेजी से बन रहा है।

  • पूरी परियोजना की लागत ₹156 करोड़ निर्धारित है।

पहले यह कार्य सितंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन भू-तकनीकी चुनौतियां, भूस्खलन क्षेत्र और मौसम की बाधाओं के चलते निर्माण में देरी हुई। अब विभाग ने नया लक्ष्य तय किया है।

मार्च 2026 तक पूरा होगा पुल, अगले यात्रा सीजन में शुरू होने की उम्मीद

एनएच लोनिवि के अधिशासी अभियंता ओंकार पाण्डेय ने बताया—

  • अलकनंदा पुल का कार्य मार्च 2026 तक पूरा कर दिया जाएगा।

  • आगामी चारधाम यात्रा सीज़न में परीक्षण के आधार पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने का लक्ष्य है।

  • रुद्रप्रयाग बाईपास पर उपचारात्मक कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो सप्ताह में मार्ग पूरी तरह सुचारू होने की संभावना है।

जवाड़ी बाईपास को मानसून में हुए नुकसान की मरम्मत अंतिम चरण में है, जिसके पूरा होते ही शहर के ट्रैफिक पर बड़ा असर दिखेगा।

यातायात और स्थानीय लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट के अनुसार—

  • पुल तैयार होने के बाद वाहन मुख्य बाजार में प्रवेश किए बिना आगे निकल सकेंगे।

  • रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के हजारों स्थानीय लोगों को लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा।

  • बाईपास, सुरंग और नए पुल के साथ यातायात पूरी तरह वन-वे और नियंत्रित हो जाएगा।

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि बाजार क्षेत्र में भीड़ घटने से पैदल आवाजाही सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

चारधाम यात्रा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

अधिकारियों के अनुसार पुल बनने के बाद—

  • यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही में रुकावटें कम होंगी,

  • दुर्घटनाओं और ओवरटेकिंग जोखिम में कमी आएगी,

  • आपदा के समय वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध रहेगा,

  • श्रद्धालुओं के लिए यात्रा समय घटेगा और सुरक्षा बढ़ेगी।

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