चमोली आपदा: लापता लोगों की खोज में जुटी टीमें, युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य – CM धामी
उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति का कहर टूटा है। चमोली जनपद में हुई अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाओं ने कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई मकान जमींदोज हो गए, दर्जनों परिवार बेघर हो गए और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य को युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं।
सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से देर रात स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और कहा –
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लापता लोगों की खोज पूरी तत्परता से की जाए।
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प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
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असुरक्षित स्थानों से ग्रामीणों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जाए।
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घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
सीएम ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।
नंदानगर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित
तहसील नंदानगर के तीन गांवों – कुन्तरी लगाफाली, कुन्तरी लगा सरपाणी और धुर्मा – में सबसे ज्यादा तबाही हुई है।
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कुन्तरी लगाफाली गांव: 8 लोग लापता, 15–20 मकान और गौशालाएं क्षतिग्रस्त।
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स्थानीय पुलिस, डीडीआरएफ और राजस्व टीम ने 3 लोगों (2 महिलाएं और 1 बच्चा) को मलबे से सुरक्षित निकाला।
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करीब 150–200 ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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कुन्तरी सरपाणी गांव: 2 लोग लापता, 2 मकान क्षतिग्रस्त।
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लगभग 100 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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धुर्मा गांव: मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से 2 लोग लापता और 8–10 मकान क्षतिग्रस्त हुए।
राहत और बचाव दलों की तैनाती
आपदा की जानकारी मिलते ही तुरंत एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी (8वीं वाहिनी, गौचर) की टीमें प्रभावित गांवों के लिए रवाना की गईं।
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लगातार बारिश और भूस्खलन से सड़कें बाधित होने के कारण बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत आई।
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टीमों ने पैदल मार्ग से गांवों तक पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर में घायलों का इलाज किया जा रहा है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी और यूएसडीएमए के विशेषज्ञ तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे।
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कंट्रोल रूम से सभी राहत व बचाव अभियानों पर सीधी निगरानी रखी जा रही है।
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प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
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सीएम ने बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य पर आपदा का साया
लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तराखंड को एक बार फिर आपदा की गिरफ्त में डाल दिया है। चमोली, देहरादून, टिहरी और पौड़ी समेत कई जिलों में भूस्खलन, नदी-नालों के उफान और मकानों के ध्वस्त होने की खबरें लगातार आ रही हैं।
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