एचआईवी संक्रमण छिपाने का आरोप: बहन की मौत के बाद जीजा के खिलाफ मुकदमा, फर्जी रिपोर्ट बनाने की भी शिकायत

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पौड़ी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बहन की मौत के बाद उसके पति पर एचआईवी संक्रमण की जानकारी छिपाने, फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार कराने और परिवार को गुमराह करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी बहन को 14 फरवरी 2026 को गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई। इसके बाद डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उसके पति और पुत्र की भी जांच कराने की सलाह दी थी।

आरोप है कि महिला का पति अस्पताल से चला गया और उसने तत्काल अपनी जांच नहीं कराई। कुछ दिनों बाद उसने व्हाट्सएप के माध्यम से एक मेडिकल रिपोर्ट भेजी, जिसमें स्वयं को एचआईवी नेगेटिव बताया गया। रिपोर्ट को ग्राफिक एरा अस्पताल, धूलकोट की बताकर परिवार को भेजा गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार जब रिपोर्ट की सत्यता की जांच के लिए अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अस्पताल की ओर से बताया गया कि रिपोर्ट पर अंकित यूएचआईडी नंबर किसी अन्य महिला मरीज का है तथा संबंधित व्यक्ति के नाम से कोई जांच रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बाद रिपोर्ट के फर्जी होने की आशंका और गहरा गई।

परिजनों का आरोप है कि महिला के पति ने बाद में इन्द्रेश अस्पताल में भी दोबारा एचआईवी जांच कराने से इनकार कर दिया। इस बीच महिला का उपचार चलता रहा, लेकिन 2 मार्च 2026 को उसकी मृत्यु हो गई।

मृतका के परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सही जानकारी सामने आ जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पति ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को छिपाया, संदिग्ध दस्तावेज प्रस्तुत किए और मृतका की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेमनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल से प्राप्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाने, मेडिकल दस्तावेजों की सत्यता और वैवाहिक विश्वास जैसे गंभीर प्रश्नों को भी सामने लाता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

brain song reviews

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html