अवैध खनन पर सियासत गरमाई, महेंद्र भट्ट ने धामी सरकार की पारदर्शी नीति की तारीफ की,
उत्तराखंड में अवैध खनन के मुद्दे पर सियासी घमासान जारी है। भाजपा ने खनन से राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि को राज्य की आर्थिकी के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठाने के बाद कांग्रेस ने इसे अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का मौका बना लिया। अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने धामी सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए विपक्ष पर हमलावर होकर खनन से प्राप्त राजस्व की अभूतपूर्व वृद्धि को एक उदाहरण बताया है।
मुख्य बिंदु:
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महेंद्र भट्ट ने खनन से होने वाली रिकॉर्ड वृद्धि को राज्य की आर्थिक सेहत के लिए फायदेमंद बताया।
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विपक्ष के आरोपों को निराधार और माफियाओं की चिंता से जुड़ा हुआ बताया।
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खनन नीति में पारदर्शिता के चलते 3 गुना बढ़ा खनन राजस्व, 8 गुना बढ़ी जुर्माना वसूली।
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कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में खनन माफियाओं के दबाव में राजस्व की कमी हुई थी।
धामी सरकार की नीति को महेंद्र भट्ट ने बताया सफल, विपक्ष पर निशाना
उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने धामी सरकार के तहत खनन क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड वृद्धि को राज्य की आर्थिक प्रगति का कारण बताया। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद खनन से प्राप्त राजस्व में गुणात्मक वृद्धि हुई है। विशेष रूप से 2022 के बाद से खनन राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जिसका श्रेय धामी सरकार की पारदर्शी नीति को जाता है।
भट्ट ने कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई और ई-निविदा, ई-नीलामी के माध्यम से खनन पट्टों का आवंटन सुनिश्चित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनन से अब तक 1025 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया गया है, जो 1100 करोड़ के पार जाने की संभावना है।
विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया, कांग्रेस को खनन माफियाओं के नुकसान पर बौखलाया बताया
महेंद्र भट्ट ने विपक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का अवैध खनन, अवैध परिवहन और भंडारण के आरोप एकतरफा हैं। भट्ट ने कहा कि धामी सरकार की पारदर्शी नीति के कारण राज्य में खनन राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, और जनता भी इससे संतुष्ट है। कांग्रेस नेताओं के माथे पर चश्मा चढ़ा है क्योंकि उनके चहेते खनन माफियाओं को अब नुकसान हो रहा है, जिससे कांग्रेस नेताओं में बेचैनी है।
भट्ट ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की चिंता माफियाओं पर लगाए गए जुर्माने को लेकर है, जो 5 सालों में 8 गुना बढ़कर 74.22 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह राशि कांग्रेस के चहेते माफियाओं की जेब से गई है, जो कांग्रेस के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
पूर्व कांग्रेस सरकार पर महेंद्र भट्ट ने उठाए गंभीर सवाल
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान खनन माफियाओं के दबाव में राज्य को खनन से होने वाले राजस्व में भारी कमी आई थी। भाजपा सरकार ने इस खनन नीति में सुधार किया और अब राज्य को खनन से अधिक लाभ हो रहा है