देहरादून। राजधानी देहरादून में iPhone चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के सनशाइन एन्क्लेव में एक घर से iPhone चोरी होने के बाद कथित तौर पर चोर ने पीड़ित परिवार से ही संपर्क कर लिया। आरोपी ने मोबाइल मालिक की बहन के नंबर पर मैसेज भेजकर चोरी किए गए iPhone का पासवर्ड मांगना शुरू कर दिया। लगातार मैसेज आने के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मामले में पीड़ित पक्ष का कहना है कि चोरी की शिकायत पुलिस से पहले ही की जा चुकी थी। परिवार के मुताबिक, घटना से जुड़े CCTV फुटेज और संदिग्धों की तस्वीरें भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मोबाइल को पुलिस पोर्टल पर दर्ज कर ट्रेस करने की प्रक्रिया चल रही है और CCTV फुटेज के आधार पर भी जांच की जा रही है।
12 सितंबर की सुबह कमरे से गायब हुआ iPhone
पीड़ित युवती कौशिकी ध्यानी के मुताबिक, वह क्लेमेंटटाउन क्षेत्र के सनशाइन एन्क्लेव में रहती हैं। उनके भाई सक्षम ने 12 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे अपना iPhone इस्तेमाल किया था। इसके बाद करीब 8:45 बजे जब मोबाइल देखा गया तो वह कमरे से गायब था।
मोबाइल की तलाश के बाद बिल्डिंग में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पीड़ित परिवार के अनुसार, फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति कमरे की तरफ आते-जाते हुए दिखाई दिए। घटना के समय कमरे का गेट खुला हुआ था।

13 सितंबर को पुलिस से की गई शिकायत
कौशिकी ध्यानी का कहना है कि iPhone चोरी होने के अगले दिन यानी 13 सितंबर को उनके भाई की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। परिवार ने पुलिस को घटना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।
पीड़िता के मुताबिक, मामले में CCTV फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि इन सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद थी।
चोरी के बाद पीड़ित की बहन को भेजा मैसेज
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब चोरी किए गए iPhone को लेकर कथित तौर पर पीड़ित परिवार की सदस्य कौशिकी ध्यानी के मोबाइल नंबर पर मैसेज आने लगे।
पीड़िता का आरोप है कि मैसेज भेजने वाला व्यक्ति चोरी किए गए iPhone का पासवर्ड मांग रहा था। इसके अलावा भी कई मैसेज भेजे गए। लगातार मैसेज आने से परेशान होकर कौशिकी ने इन संदेशों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित किए और पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही।
पीड़िता का कहना है कि चोरी के बाद संदिग्ध का खुद पीड़ित परिवार से संपर्क करना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है।
रात में थाने पहुंची पीड़िता, कार्रवाई को लेकर सवाल
कौशिकी ध्यानी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब उन्हें पासवर्ड मांगने वाला मैसेज मिला तो वह रात करीब 10 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचीं।
पीड़िता के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर सुबह आने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सार्वजनिक की।
कौशिकी का सवाल है कि जब पुलिस के पास CCTV फुटेज, संदिग्धों की तस्वीरें और चोरी के बाद भेजे गए मैसेज जैसे सुराग मौजूद हैं, तो मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
DIT और Graphic Era के आसपास भी चोरी का दावा
पीड़िता ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में यह भी दावा किया कि इसी संदिग्ध से जुड़े होने की आशंका वाली चोरी की अन्य घटनाओं की CCTV फुटेज DIT University और Graphic Era University के आसपास भी सामने आई हैं।
उनका दावा है कि इन क्षेत्रों में छात्रों के मोबाइल फोन और अन्य सामान चोरी होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन घटनाओं और मौजूदा मामले के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच का विषय है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि अलग-अलग स्थानों पर सामने आई CCTV फुटेज और शिकायतों को आपस में जोड़कर जांच की जाए, ताकि संदिग्ध की पहचान और चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सके।
पुलिस का पक्ष—मोबाइल को ट्रेस करने की प्रक्रिया जारी
मामले में एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि मोबाइल मिसिंग के संबंध में सीओ से जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से मोबाइल मिसिंग हुआ था, उसी दिन से उसे पुलिस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर ट्रेस करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में CCTV फुटेज को भी चेक किया जा रहा है और संबंधित सीओ इस पर काम कर रहे हैं। ऐसे में अब जांच के दौरान CCTV फुटेज, पीड़ित परिवार को भेजे गए कथित मैसेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चोरी किए गए iPhone और कथित तौर पर पासवर्ड मांगने वाले व्यक्ति तक पुलिस किस तरह पहुंचती है। वहीं, पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।