आशारोड़ी में लगातार हो रहे हादसों पर परिवहन विभाग सख्त, जिग-जैग बैरिकेडिंग से नियंत्रित होगी वाहनों की रफ्तार

देहरादून। राजधानी देहरादून के आशारोड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर परिवहन विभाग ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल और दीर्घकालीन सुरक्षा उपायों की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। संयुक्त परिवहन आयुक्त उत्तराखंड राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में लीड एजेंसी के अधिकारियों ने आशारोड़ी परिवहन चेकपोस्ट के निकट दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र करने के साथ ही डाटकाली मंदिर टनल से आशारोड़ी चेकपोस्ट तक नवनिर्मित सड़क मार्ग का भी विस्तृत अवलोकन किया। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर पिछले कुछ समय से लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। विशेष रूप से भारी वाहनों से प्रातःकाल के समय होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है।

पुलिस बस और भार वाहन भी दुर्घटना का शिकार

निरीक्षण दल के अनुसार हालिया दुर्घटना में पुलिस विभाग की बस और एक भार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। इसके बाद दुर्घटना संभावित इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने मार्ग की स्थिति, वाहनों की गति, सड़क के स्वरूप और दुर्घटना की संभावित वजहों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। जांच दल द्वारा मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित किया गया है।

परिवहन विभाग ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द शासन को भेजी जाएगी।

2 किमी हिस्से में लगेगी जिग-जैग बैरिकेडिंग

दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जांच दल ने तत्काल कई शॉर्ट टर्म उपाय किए जाने की जरूरत बताई है। इनमें सबसे प्रमुख कदम पुलिस चेकपोस्ट से ज्वाइंट चेकपोस्ट के बीच करीब 2 किलोमीटर के मार्ग पर कम से कम दो स्थानों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाने का है।

इस बैरिकेडिंग का उद्देश्य वाहनों की गति को नियंत्रित करना और चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने के लिए मजबूर करना है। खासकर भारी वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने के लिए इसे महत्वपूर्ण उपाय माना जा रहा है।

सड़क पर लगेंगे डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड

जांच दल ने पूरे मार्ग पर दो से तीन स्थानों पर डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड लगाने की आवश्यकता भी बताई है। इन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को उनकी गति की जानकारी मिल सकेगी और उन्हें निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने के लिए जागरूक किया जा सकेगा।

अधिकारियों का मानना है कि स्पीड डिस्प्ले बोर्ड दुर्घटना संभावित मार्ग पर वाहन चालकों को अपनी गति नियंत्रित करने में मदद करेंगे।

आशारोड़ी चेकपोस्ट का डिस्प्ले बोर्ड शिफ्ट करने की सलाह

निरीक्षण के दौरान आशारोड़ी चेकपोस्ट पर स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की आवश्यकता भी बताई गई। जांच दल के अनुसार यातायात व्यवस्था और दृश्यता को ध्यान में रखते हुए डिस्प्ले बोर्ड की स्थिति में बदलाव किया जाना जरूरी है।

इसके साथ ही चेकपोस्ट के आसपास मौजूद पेड़ों और झाड़ियों की लॉपिंग कराने की भी आवश्यकता बताई गई, ताकि वाहन चालकों को सड़क और यातायात व्यवस्था स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।

प्रवेश द्वार और मार्ग पर लगेंगे बड़े चेतावनी बोर्ड

जांच दल ने उत्तराखंड के प्रवेश द्वार से लेकर संबंधित मार्ग पर यात्रियों और वाहन चालकों को सावधान करने के लिए बड़े साइन बोर्ड लगाने की भी सिफारिश की है।

इन बोर्डों पर ‘लगातार ढलान है, कृपया गति पर नियंत्रण रखें’, ‘दुर्घटना संभावित स्थल—कृपया सावधानी बरतें’ जैसे चेतावनी संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।

इसका उद्देश्य वाहन चालकों को पहले से ही मार्ग की स्थिति और दुर्घटना की संभावनाओं के प्रति सचेत करना है।

CRRI से भी कराया जा रहा सड़क का ऑडिट

निरीक्षण के दौरान NHAI के अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना संभावित स्थल का CRRI से भी ऑडिट कराया जा रहा है। CRRI की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सड़क की सुरक्षा से जुड़े दीर्घकालीन उपाय किए जाएंगे।

इससे सड़क की संरचना, यातायात व्यवस्था और दुर्घटना के संभावित कारणों का तकनीकी स्तर पर भी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

कई विभागों के अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण

स्थल निरीक्षण में संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा के साथ उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून डॉ. अनीता चमोला, श्री संजय सिंह बिष्ट, श्री नरेश संगल, श्री अविनाश चौधरी, सहायक निदेशक एवं लीड एजेंसी के सदस्य, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रत्नाकर सिंह, NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शामिल रहे।

जांच दल में जे.पी.आर.आई. प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर श्री सुमित ढुल और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने कहा कि आशारोड़ी मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल किए जाने वाले उपायों के साथ-साथ तकनीकी ऑडिट के आधार पर दीर्घकालीन सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे। जांच दल की विस्तृत रिपोर्ट जल्द सामने आने की उम्मीद है।

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