वर्तमान मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद संभालेंगे पदभार, तिवारी तीसरी बार बने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत यह नियुक्ति की गई है।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी 9 अक्टूबर 2026 से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद मिलेगी। न्यायमूर्ति गुप्ता 8 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
तीसरी बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति तिवारी
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी के लिए यह पहली बार नहीं है, जब उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह इससे पहले भी दो बार इस पद पर कार्य कर चुके हैं।
उन्हें पहली बार 27 अक्टूबर 2023 से 3 फरवरी 2024 तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर 2024 से उन्हें दोबारा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिली थी। अब केंद्र सरकार ने उन्हें तीसरी बार यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
उनकी वरिष्ठता और हाईकोर्ट में लंबे न्यायिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पिथौरागढ़ के प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार से आते हैं
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी का जन्म 19 सितंबर 1965 को पिथौरागढ़ में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। उनके पिता नंदाबल्लभ तिवारी वरिष्ठ अधिवक्ता रहे हैं, जबकि उनके नाना राम दत्त चिलकोटी भी पिथौरागढ़ के जाने-माने अधिवक्ता थे।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, पिथौरागढ़ से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, पिथौरागढ़ से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने उसी वर्ष इलाहाबाद बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की।
उत्तराखंड हाईकोर्ट बनने के बाद नैनीताल आए
वर्ष 2000 में उत्तराखंड हाईकोर्ट की स्थापना के बाद न्यायमूर्ति तिवारी नैनीताल आए और यहां वकालत शुरू की। न्यायिक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्हें वर्ष 2009 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया।
वह नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण मामलों में उन्होंने राज्य सरकार की ओर से विशेष अधिवक्ता के रूप में भी पैरवी की।
19 मई 2017 को हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को 19 मई 2017 को उत्तराखंड हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वह हाईकोर्ट में विभिन्न महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।
अब एक बार फिर उन्हें हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति से उत्तराखंड हाईकोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन का नया चरण शुरू होगा।
8 अक्टूबर को रिटायर होंगे मौजूदा मुख्य न्यायाधीश
वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता 8 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के अगले दिन यानी 9 अक्टूबर से न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद हाईकोर्ट में नई प्रशासनिक व्यवस्था की तस्वीर भी स्पष्ट हो गई है। न्यायमूर्ति तिवारी के पास अब न्यायिक कार्यों के साथ-साथ हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी होगी।