डीएम आशीष चौहान के निर्देश पर देर रात कई इलाकों में औचक जांच, आईएसबीटी की दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत सही मिली
देहरादून। राजधानी देहरादून में शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर बुधवार देर रात प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने शहर के कई इलाकों में शराब की दुकानों पर औचक छापेमारी और निरीक्षण किया।
माजरा, पटेलनगर, आईएसबीटी, प्रेमनगर, जाखन और राजपुर रोड समेत कई क्षेत्रों में की गई जांच के दौरान प्रशासनिक टीमों ने शराब की बिक्री से लेकर स्टॉक और दस्तावेजों तक की पड़ताल की। इस दौरान कुछ दुकानों पर ओवररेटिंग, स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, निर्धारित रेट लिस्ट प्रदर्शित न करने और अनधिकृत सेल्समैन के काम करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
आईएसबीटी की दुकान में ओवररेटिंग मिली
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में टीम ने माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में शराब की दुकानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई गई। इसके अलावा दुकान में रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाते पाए गए।
टीम को जांच के दौरान दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन भी मिले। इसके अलावा निर्धारित रेट लिस्ट भी दुकान पर प्रदर्शित नहीं की गई थी। प्रशासन ने जांच के दौरान बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और स्टॉक का भी परीक्षण किया।
प्रेमनगर में स्टॉक रजिस्टर नहीं मिला अपडेट
एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में टीम ने प्रेमनगर और आसपास के क्षेत्रों में शराब की दुकानों की जांच की।
इस दौरान एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। जांच टीम को यहां भी अनधिकृत सेल्समैन मिले। अधिकारियों ने दुकान से संबंधित अभिलेखों और स्टॉक की स्थिति की जांच की।
जाखन और राजपुर रोड में भी सामने आईं कमियां
जॉइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में शराब की दुकानों का निरीक्षण किया।
यहां भी कई नियमों के अनुपालन में कमियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। निर्धारित रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा आबकारी विभाग का शिकायत नंबर भी कुछ दुकानों पर उपलब्ध नहीं था।
कुछ दुकानों पर अनधिकृत सेल्समैन के काम करने की बात भी जांच में सामने आई।
सिर्फ ओवररेटिंग नहीं, रिकॉर्ड भी खंगाले
प्रशासन की कार्रवाई केवल निर्धारित कीमत से अधिक शराब बेचने तक सीमित नहीं रही। टीमों ने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख, बोतलों के बैच नंबर, सेल्समैन की वैधता, निर्धारित बिक्री दर, रेट लिस्ट और आबकारी विभाग के शिकायत नंबर समेत कई बिंदुओं की जांच की।
प्रशासन का उद्देश्य यह पता लगाना था कि शराब की दुकानों पर निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं और स्टॉक तथा बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड सही तरीके से रखे जा रहे हैं या नहीं।
अनियमितता मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया है कि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, अनधिकृत व्यक्तियों से बिक्री और अभिलेखों में गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को शराब की दुकानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं को लेकर आकस्मिक जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि शराब की दुकानों पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरीक्षण की प्रक्रिया को लगातार जारी रखा जाएगा।
शिकायत मिलने पर फिर होगी छापेमारी
शराब की दुकानों को लेकर उपभोक्ताओं से मिलने वाली शिकायतों को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित कीमत से अधिक वसूली, स्टॉक में गड़बड़ी या अन्य अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित दुकान की जांच की जाएगी।
देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद शराब कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी ही आकस्मिक जांच किए जाने की संभावना है।