जिला सहकारी बैंक चुनाव में भाजपा का गढ़वाल में क्लीन स्वीप, अब कुमाऊं की बारी

गढ़वाल के छह जिलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित, 10-11 सितंबर को कुमाऊं में होगी अगली परीक्षा

देहरादून: उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने गढ़वाल मंडल में अपना दबदबा कायम किया है। मंडल के सभी छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसे भाजपा ने सहकारिता क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताते हुए संगठनात्मक एकजुटता और आपसी समन्वय का परिणाम बताया है। अब राजनीतिक दलों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की निगाहें कुमाऊं मंडल के चुनाव पर टिक गई हैं।

गढ़वाल मंडल में देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं। देहरादून में मंजीत रावत, चमोली में गजेंद्र सिंह रावत, उत्तरकाशी में शारदा राणा, पौड़ी गढ़वाल में पंकज रावत, टिहरी गढ़वाल में सुभाष चंद्र रमोला और हरिद्वार में विजेंद्र चौधरी अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

इन छह जिला सहकारी बैंकों में उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसके अलावा निदेशक पदों पर भी बड़ी संख्या में प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं।

गढ़वाल में निर्विरोध निर्वाचन से भाजपा उत्साहित

गढ़वाल मंडल के परिणामों के बाद भाजपा संगठन में उत्साह है। पार्टी ने इसे सहकारिता क्षेत्र में अपने संगठनात्मक प्रभाव और प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम बताया है। भाजपा का कहना है कि निर्विरोध निर्वाचन से सहकारिता संस्थाओं में आपसी सहमति और सहयोग की भावना मजबूत होगी।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी नवनिर्वाचित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और निदेशकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निर्विरोध निर्वाचन आपसी विश्वास, संगठनात्मक समन्वय और सहकारिता की मूल भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।

भाजपा ने गढ़वाल के परिणामों को कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका भी बताया है। पार्टी का दावा है कि सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाजपा की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भरोसा जताया है।

पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण

इस बार उत्तराखंड के सहकारिता चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पहली बार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 10 जिला सहकारी बैंकों में से उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

इस व्यवस्था के चलते इन तीनों जिलों में अध्यक्ष पद पर महिला प्रतिनिधि निर्वाचित होंगी। सहकारी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दो चरणों में हो रहे जिला सहकारी बैंक चुनाव

उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों के चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में गढ़वाल मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हुई, जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

अब दूसरे चरण में कुमाऊं मंडल के जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 10 और 11 सितंबर को होंगे। गढ़वाल में क्लीन स्वीप के बाद अब भाजपा के सामने कुमाऊं में भी इसी प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है।

कुमाऊं में होगी भाजपा की अगली परीक्षा

गढ़वाल के नतीजों ने कुमाऊं के चुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। भाजपा संगठन कुमाऊं मंडल में भी निर्विरोध निर्वाचन की रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी स्तर पर स्थानीय पदाधिकारियों, सहकारी समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों और संभावित प्रत्याशियों के बीच समन्वय बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

वहीं, विपक्ष के लिए कुमाऊं के चुनाव अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने का अहम मौका होंगे। ऐसे में 10 और 11 सितंबर को होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

कुल मिलाकर गढ़वाल में जिला सहकारी बैंक चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन ने पार्टी को बढ़त जरूर दी है, लेकिन कुमाऊं मंडल के परिणाम यह तय करेंगे कि सहकारिता क्षेत्र में भाजपा का यह प्रभाव पूरे प्रदेश में कितना व्यापक है।

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