खटीमा/ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में हरेला पर्व के अवसर पर एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। खटीमा के कुटरी गांव में ईसाई धर्म अपना चुके थारू जनजाति के 70 लोगों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पुनः सनातन धर्म अपनाया। इस दौरान साधु-संतों के सान्निध्य में शुद्धिकरण हवन-यज्ञ कराया गया और विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान दीपा देवी, प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे, दीवान रावत, कविंद्र कफलिया, राधेश्याम राणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित हरीश जोशी और साधु मोहन गिरी ने शुद्धिकरण यज्ञ कराया। इसके बाद सभी लोगों को कलावा बांधा गया और चरणामृत ग्रहण कराकर सनातन धर्म में पुनः शामिल किया गया।
पहले हुआ था धर्म परिवर्तन, पुलिस ने की थी कार्रवाई
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले गांव के कुछ थारू आदिवासी परिवारों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विरोध भी हुआ था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने कथित मतांतरण से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। मामले की जांच के बाद संबंधित प्रकरण में विधिक कार्रवाई भी की गई थी।
सामाजिक पहल के बाद बनी सहमति
बताया गया कि ग्राम प्रधान दीपा देवी और अन्य स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद किया। बातचीत के बाद संबंधित परिवारों ने अपनी इच्छा से पुनः सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इसके बाद हरेला पर्व के अवसर पर घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हरेला पर्व पर दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हरेला पर्व को प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण लोकपर्व बताते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। ग्राम प्रधान दीपा देवी ने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के प्रति सजग रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के बहकावे या लालच से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने और जागरूक रहने की अपील भी की।
यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने इसमें सहभागिता की।