उत्तराखंड बीजेपी में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, राम माधव को मिली प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बदले प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी, दुष्यंत गौतम की जगह राम माधव को कमान; अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज बनाए गए सह-प्रभारी

देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। भाजपा ने उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी के तौर पर राम माधव को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले यह जिम्मेदारी दुष्यंत गौतम संभाल रहे थे। भाजपा की ओर से 23 सितंबर 2026 को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नई नियुक्तियों की घोषणा की गई।

उत्तराखंड के लिए जारी नई व्यवस्था में राम माधव को प्रभारी बनाया गया है, जबकि अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

दुष्यंत गौतम की जगह राम माधव को जिम्मेदारी

भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल में उत्तराखंड को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब तक दुष्यंत गौतम उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नई सूची में राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है।

राम माधव के पास तमिलनाडु की जिम्मेदारी भी रहेगी। वहीं उत्तराखंड में उनके साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज सह-प्रभारी के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालेंगे।

बांसुरी स्वराज को उत्तराखंड की सह-प्रभारी बनाए जाने के साथ ही प्रदेश संगठन में उनकी नई भूमिका तय हुई है। इससे पहले उत्तराखंड में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी रेखा वर्मा के पास थी।

चुनाव से पहले संगठनात्मक बदलाव

भाजपा का यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। उत्तराखंड विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होना है और उससे पहले राजनीतिक दलों के स्तर पर संगठन को मजबूत करने की गतिविधियां चल रही हैं।

भाजपा की नई नियुक्तियों में कई राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी बदले गए हैं। पार्टी ने 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई जिम्मेदारियों की घोषणा की है।

ऐसे में उत्तराखंड के लिए राम माधव को जिम्मेदारी दिए जाने को आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस नियुक्ति के पीछे पार्टी की ओर से कोई अलग राजनीतिक कारण सार्वजनिक रूप से इस खबर में नहीं बताया गया है।

कौन हैं राम माधव?

राम माधव भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और संगठनात्मक एवं राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के साथ आगे बढ़ा। वह संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका में भी रहे। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा में प्रतिनियुक्त किया गया।

भाजपा में रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। वर्ष 2014 से 2020 तक वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक एवं राजनीतिक कामकाज में उनकी भूमिका

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