करोड़ों की चोरी का खुलासा: तेल मिल व्यापारी के घर वारदात करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार

Rudrapur और Kichha में तेल मिल व्यापारी के घर हुई करोड़ों रुपये की चोरी का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया है।

घर खाली देखकर बनाई थी वारदात की योजना

Ajay Ganpati ने प्रेसवार्ता में बताया कि 18 अप्रैल को आवास विकास निवासी तेल मिल व्यापारी Rajendra Goyal अपने परिवार के साथ रामनगर में एक विवाह समारोह में गए हुए थे।

इसी दौरान 19 अप्रैल की रात चोरों ने बंद पड़े घर को निशाना बनाया और वहां से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से पहुंचे आरोपियों तक

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान की। शनिवार रात सूचना मिली कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह सितारगंज के केशवनगर क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान में मौजूद है।

इसके बाद पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में:

  • Deepak Gupta उर्फ जगदीश गुप्ता, निवासी केशवनगर सितारगंज

  • Aqeel Ahmad निवासी इस्लामनगर खटीमा

  • Deepak Rastogi उर्फ लड्डू, निवासी शाहजहांपुर

शामिल हैं।

भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

  • 389 ग्राम सोने के आभूषण

  • 3.417 किलोग्राम चांदी

  • 3 लाख रुपये नकद

  • चोरी में प्रयुक्त बाइक

बरामद की है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

गिरोह का सरगना निकला शातिर अपराधी

जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना Deepak Gupta पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई थानों में चोरी, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आपराधिक साजिश जैसे मामलों में करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं।

उसका आपराधिक रिकॉर्ड Sitarganj, Khatima, Gadarpur, Pilibhit और Tanakpur समेत कई क्षेत्रों में दर्ज है।

कई दिनों तक की थी रेकी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दीपक गुप्ता ने वारदात से पहले कई दिनों तक व्यापारी के घर की रेकी की थी। घर बंद होने और गतिविधि न होने की पुष्टि के बाद ही चोरी की योजना बनाई गई।

हालांकि जांच में किसी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पुलिस ने साफ किया कि फिलहाल स्थानीय सहयोग के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।

पुलिस टीम को मिला इनाम

मामले का खुलासा करने पर एसएसपी ने पुलिस और एसओजी टीम को 5 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

कार्रवाई करने वाली टीम में Ravi Saini, Umesh Kumar, Jaiprakash समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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