2027 की तैयारी में जुटी कांग्रेस: गढ़वाल दौरे पर कुमारी शैलजा, श्रीनगर में कार्यकर्ताओं संग मंथन, कल केदारनाथ दर्शन

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कुमारी शैलजा, जो कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी हैं, इन दिनों पांच दिवसीय गढ़वाल दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान वे गढ़वाल मंडल के पांच जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों का जायजा ले रही हैं।

बुधवार शाम को देहरादून पहुंचीं कुमारी शैलजा का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई नेताओं ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे ऋषिकेश पहुंचीं, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की।

गुरुवार को कुमारी शैलजा श्रीनगर पहुंचीं, जहां जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) पौड़ी के कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और अन्य प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में कांग्रेस के समर्थन में नारेबाजी भी हुई।

इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता जैसे हरक सिंह रावत भी मौजूद रहे। बैठक के बाद श्रीनगर में रोड शो का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और पार्टी के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। आम जनता ने भी सड़क किनारे खड़े होकर नेताओं का स्वागत किया।

अपने दौरे के अगले चरण में कुमारी शैलजा सोनप्रयाग के लिए रवाना हो गईं, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 8 मई को वे केदारनाथ धाम में दर्शन करेंगी। इसके बाद अगस्त्यमुनि और रुद्रप्रयाग में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगी।

दौरे के अगले दिनों में 9 मई को वे चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी, जबकि 10 मई को बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर जोशीमठ में संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगी। 11 मई को टिहरी गढ़वाल के चंबा में बैठक के साथ उनका दौरा समाप्त होगा, जिसके बाद वे दिल्ली लौट जाएंगी।

इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसंपर्क अभियान को तेज करना है। साथ ही 2027 विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर भी इन बैठकों में विस्तार से चर्चा की जा रही है।

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