सर्द रातों में न्याय की चौपाल: कालाढूंगी में अलाव के बीच हल हो रहीं ग्रामीणों की भूमि समस्याएं

कालाढूंगी (नैनीताल)। कड़ाके की ठंड और सर्द रातों के बीच प्रशासन की एक अनूठी और सराहनीय पहल कालाढूंगी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के आदेश तथा उप जिलाधिकारी विपिन चंद्र पंत के निर्देशों के क्रम में तहसील कालाढूंगी अंतर्गत निर्विवाद उत्तराधिकार मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चौपालों के माध्यम से प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तारा चन्द्र घिल्डियाल द्वारा लगातार रात्रि चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। सर्द रातों में गांवों में अलाव के बीच बैठकर वे ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही निर्विवाद उत्तराधिकार के प्रकरण दर्ज कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कर रहे हैं। इस पहल से ग्रामीणों को तहसील कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार प्रशासन इस तरह उनके द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। किसानों और आम जनता में इस कार्यशैली को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं, उच्च अधिकारियों द्वारा भी इस अभिनव प्रयास की खुलकर सराहना की जा रही है।

एसडीएम विपिन चंद्र पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते चार दिनों के भीतर तहसील कालाढूंगी क्षेत्र में निर्विवाद उत्तराधिकार के 120 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खतौनियों का वाचन करते हुए ऐसे मामलों का शीघ्र समाधान करें, ताकि आम जनता को भूमि से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

यह पहल न केवल भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और तेजी लाने का कार्य कर रही है, बल्कि शासन की जनोन्मुखी, संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासनिक सोच को भी धरातल पर साकार कर रही है। कालाढूंगी की यह रात्रि चौपाल व्यवस्था अब अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल बनती नजर आ रही है।

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