इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत से राहत, 5 दिन बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ
हल्द्वानी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को आखिरकार अदालत से राहत मिल गई है। एसीजे कोर्ट सेकेंड ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जमानती दस्तावेज और मुचलके की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। ज्योति अधिकारी बीते गुरुवार से न्यायिक हिरासत में थीं और करीब पांच दिन बाद जेल से बाहर आएंगी।
इससे पहले शुक्रवार को हुई पहली सुनवाई में अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, दोबारा हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर दी। कोर्ट के आदेश के बाद अब कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पहली सुनवाई में पुलिस का सख्त रुख
पहली सुनवाई के दौरान नैनीताल पुलिस ने ज्योति अधिकारी की जमानत का कड़ा विरोध किया था। पुलिस का तर्क था कि ज्योति सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ सकती हैं, धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती हैं और मामले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर सकती हैं।
पुलिस ने आशंका जताई थी कि लगातार वीडियो बनाकर वह गवाहों और शिकायतकर्ताओं पर दबाव डाल सकती हैं। इन्हीं दलीलों के आधार पर कोर्ट ने पहले जमानत देने से इनकार कर दिया था।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान ज्योति अधिकारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह हाथ में दरांती लहराते हुए दिखाई दीं।
आरोप है कि इस वीडियो में उन्होंने कुमाऊं की महिलाओं और स्थानीय लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
इसके बाद 8 जनवरी को शिकायतकर्ता जूही चुफाल ने मुखानी थाने में तहरीर दी। पुलिस ने ज्योति अधिकारी को पूछताछ के लिए बुलाया और दिनभर की पूछताछ के बाद रात करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
नोटिस देने पहुंची पुलिस, वीडियो बना हुआ वायरल
पुलिस जब ज्योति अधिकारी के घर नोटिस देने पहुंची थी, तब उन्होंने इसका भी वीडियो बना लिया था। वीडियो में वह लोगों से कहते हुए नजर आई थीं—
“मुझे बधाई तो दे दो”।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से जांच प्रभावित होने का खतरा था।
किन धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे
मुखानी थाने में ज्योति अधिकारी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
इसके अलावा गवाह और वादिनी को धमकाने के आरोप में पुलिस स्वयं वादी बनकर एक और मामला दर्ज कर चुकी है।
सोशल मीडिया पहचान और पुराने विवाद
ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया पर तेज, भावनात्मक और आक्रामक शैली के वीडियो बनाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने शुरुआत में डांस और एंटरटेनमेंट कंटेंट से पहचान बनाई, लेकिन बाद में उनके वीडियो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित हो गए।
फेसबुक लाइव और इंस्टाग्राम शॉर्ट्स उनके प्रमुख प्लेटफॉर्म रहे हैं। हिंदी और कुमाऊंनी मिश्रित भाषा में उनकी प्रस्तुति ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई, लेकिन यही शैली कई बार विवादों की वजह भी बनी।
इससे पहले भी वे कई विवादों में रह चुकी हैं—
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2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में सिर मुंडवाकर प्रदर्शन
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अक्टूबर 2025 में लाइव वीडियो के दौरान विवादित बयान
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जनवरी 2026 में बुद्ध पार्क में दरांती लहराने का मामला, जिसे अब तक का सबसे गंभीर विवाद माना जा रहा है