उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं की नाइट शिफ्ट से लेकर मेट्रो निओ तक, 7 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ समाप्त हुई। बैठक की शुरुआत पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर श्रद्धांजलि देकर की गई, जहां मंत्रियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। कुल 10 प्रस्ताव कैबिनेट के सामने लाए गए, जिनमें से 7 को मंजूरी प्रदान की गई। ये फैसले रोजगार, सुरक्षा, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों से सीधे जुड़े हुए हैं।
1. महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति
राज्य सरकार ने दुकानों और प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति दे दी है।
-
महिला कर्मियों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
-
नियोक्ताओं को सुरक्षा, परिवहन और सीसीटीवी जैसे प्रावधान सुनिश्चित करने होंगे।
सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और महिलाओं की कार्यभागीदारी बढ़ेगी।
2. मानव-वन्यजीव संघर्ष में बढ़ा मुआवज़ा
जंगली जानवरों के हमलों में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
-
गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज पूरी तरह सरकार वहन करेगी।
पहाड़ के कई जिलों में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए यह कदम राहतकारी माना जा रहा है।
3. देहरादून में मेट्रो निओ परियोजना को मंजूरी
शहर के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है।
-
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
-
इससे सार्वजनिक परिवहन में सुधार, ट्रैफिक दबाव कम करने और पर्यावरणीय लाभ की उम्मीद है।
परियोजना को राज्य के शहरी विकास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
4. अभियोजन विभाग का पुनर्गठन, 86 नए पद स्वीकृत
न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए अभियोजन विभाग के नए ढांचे को मंजूरी दी गई।
-
विभाग में 86 नए पदों का सृजन होगा।
-
इससे लंबित मामलों की सुनवाई में गति आने की संभावना है।
5. ऊर्जा निगम की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी
कैबिनेट ने ऊर्जा निगम की वार्षिक प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखने की अनुमति दी।
-
इसमें निगम की वित्तीय स्थिति, कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं का ब्यौरा होगा।
6. पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की रिपोर्ट को मंजूरी
विभाग की वार्षिक रिपोर्ट भी विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
-
इस रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता, जंगल संरक्षण, जलवायु अनुकूलन योजनाएं और वर्षभर के प्रगति विवरण शामिल रहेंगे।
7. दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन का अध्यादेश पारित
कैबिनेट ने दुकान एवं प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
-
इसके तहत केंद्रीय श्रम संहिता को अपनाया जाएगा।
-
संशोधन के बाद राज्य में श्रम कानून राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो जाएंगे।
कैबिनेट के फैसलों का व्यापक प्रभाव
सरकार के अनुसार ये निर्णय राज्य में
-
निवेश बढ़ाने,
-
रोजगार सृजन,
-
महिलाओं की सुरक्षा,
-
न्यायिक दक्षता
और -
शहरी परिवहन सुधार
की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।