पॉक्सो केस में बड़ा फैसला – हाईकोर्ट ने बुजुर्ग को उम्र कैद की सजा से मुक्त किया

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक 68 वर्षीय बुजुर्ग को बाइज्जत बरी करने के आदेश दिए हैं। यह फैसला न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए, जिसके चलते दोषसिद्धि को बरकरार नहीं रखा जा सकता।

क्या था मामला

मामला उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र का है। अमल बढोही नामक बुजुर्ग के खिलाफ वर्ष 2016 में एक स्थानीय बुजुर्ग महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमल ने उसके साथ-साथ उसकी पुत्री और मात्र आठ वर्षीय नातिन के साथ दुराचार किया। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने अमल को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में अभियोग चलाया गया।

उस समय आरोपी की उम्र लगभग 68 वर्ष थी। मुकदमे की सुनवाई निचली अदालत में चली और 8 वर्षीय पीड़िता के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अमल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

गवाहों के मुकरने पर बदली दिशा

सुनवाई के दौरान एक अहम मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता महिला सहित कई गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। बचाव पक्ष ने दलील दी कि विरोधाभासी गवाही और असंगत सूचनाओं के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। इसके बाद आरोपी ने उच्च न्यायालय में सजा के खिलाफ अपील दायर की।

हाईकोर्ट का निर्णय

खंडपीठ ने सभी साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए पाया कि:

  • प्रमुख गवाहों ने अदालत में अपने आरोपों से पीछे हट गए

  • अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया

  • केवल आंशिक गवाही और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्धि उचित नहीं

इसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए अमल बढोही को बरी करने के आदेश दिए। साथ ही जेल प्रशासन को तत्काल रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

कानूनी हलकों में चर्चा

इस फैसले ने न्यायालय द्वारा साक्ष्य की विश्वसनीयता और ‘संदेह का लाभ’ जैसे सिद्धांतों की पुनः पुष्टि की है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय बताता है कि पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में भी न्यायालय तथ्यों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकालते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html